जबलपुर नहर हादसा: 12 घंटे बाद मिला तीसरी लड़की का शव, रील बनाते समय तीनों की गई जान

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जबलपुर नहर हादसा: 12 घंटे बाद मिला तीसरी लड़की का शव, रील बनाते समय तीनों की गई जान


जबलपुर, 24 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी थाना क्षेत्र स्थित सालीवाड़ा गांव में नहर में डूबी तीन बहनों में से लापता शीतल पटेल (23) का शव घटना के करीब 12 घंटे बाद गुरुवार रात 11 बजे के आसपास घटनास्थल से कुछ दूरी पर मिला। तीनों शवों का पोस्टमार्टम आज शुक्रवार को किया गया, जिसके बाद दोपहर में शहर के दो अलग-अलग श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार किया गया।

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 11 बजे पांच लड़कियां शीतल, सानिया, सृष्टि, तनु और निहारिका नहर पर नहाने गई थीं। इसी दौरान सृष्टि को छोड़कर बाकी लड़कियां किनारे पर मोबाइल से वीडियो बना रही थीं। अचानक पैर फिसलने से चार लड़कियां तेज बहाव में बह गईं। मौके पर मौजूद एक सहेली ने किसी तरह एक लड़की को बचा लिया, जबकि बाकी तीन पानी के तेज बहाव में दूर चली गईं। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव काफी तेज होने के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। बाद में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पहले सानिया पटेल (14) और सृष्टि पटेल (17) के शव घटना के करीब चार घंटे बाद ही मिल गए थे। बाद में देर रात शीतल पटेल (23) का शव घटना के करीब 12 घंटे बाद मिला। तीनों आपस में मामा-बुआ के रिश्ते से बहनें थीं। पुलिस ने सभी शवों को पहले मर्चुरी में रखवाया था। सभी लड़कियां गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने आई थीं।

परिवार के अनुसार, शीतल पटेल ने फार्मेसी की पढ़ाई पूरी कर ली थी और चार महीने बाद भोपाल में उसकी शादी तय थी। वहीं सृष्टि पटेल ने 12वीं कक्षा अच्छे अंकों से पास की थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। शीतल के पिता संतोष पटेल जबलपुर मेडिकल कॉलेज में गार्ड के पद पर कार्यरत हैं। जबकि सृष्टि और सानिया उनके उनके साले की बेटियां थीं।

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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