सड़क दुर्घटनाओं को रोकना जरूरी, ताकि लोगों का जीवन बचाया जा सके: पूर्व न्यायाधीश सप्रे

WhatsApp Channel Join Now
सड़क दुर्घटनाओं को रोकना जरूरी, ताकि लोगों का जीवन बचाया जा सके: पूर्व न्यायाधीश सप्रे


- सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अभय मनोहर सप्रे ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली

भोपाल, 03 मई (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष अभय मनोहर सप्रे ने कहा कि सड़क दुर्घटना होना चिंता का विषय है। इसे रोकना जरूरी है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं से लोगों का जीवन बचाया जा सके। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में विश्व में भारत की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के आकड़े न बढ़े, इसलिए सड़क सुरक्षा के अभियान को अपनाना जरूरी है।

उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष अभय मनोहर सप्रे रविवार को मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक में ब्लैक स्पॉट, गति सीमा, यातायात नियमों का पालन, जागरूकता अभियान, मार्ग के संकेत, जेब्रा क्रॉसिंग, ब्रेकर तथा डिवाइडर सहित सड़क जागरूकता अभियान आदि के संबंध में चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर रजनी सिंह, जिला पंचायत सीईओ गजेन्द्र सिंह नागेश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी सहित अन्य अधिकारी- कर्मचारी और पुलिस विभाग का अमला मौजूद था।

पूर्व न्यायाधीश सप्रे ने कहा कि जिले में सड़क सुरक्षा और ट्रेफिक सुधार के लिए भरपूर प्रयास हो। दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट और चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा यातायात प्रबंधन को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए आवश्यक सुधार करने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों एवं नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कार्यालय आने-जाने में सभी शासकीय अधिकारी- कर्मचारी चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करें। पूर्व न्यायाधीश श्री मनोहर सप्रे ने जिले में पिछले 5 साल में हुई सड़क दुर्घटनाओं, ब्लैक स्पॉट चिन्हांकन एवं उनमें सुधार कार्यों, जनजागरूकता अभियानों और अन्य नवाचारों की समीक्षा की। उन्होंने सड़कों के गड्डों को भरने व सड़कों के किनारे सांकेतिक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने राहवीर योजना एवं हिट एंड रन मोटरयान दुर्घटना, पीड़ित प्रतिकार योजना 2022 के तहत सड़क दुर्घटना से पीड़ित व्यक्ति की मदद करने वाले व्यक्ति को पुरस्कृत करने को कहा। बैठक में सड़क दुर्घटना में दो पहिया वाहन, चार पहिया वाहन एवं अन्य वाहनों से सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु के संबंध में समीक्षा की गई।

पूर्व न्यायाधीश सप्रे ने कहा कि वाहनों के फिटनेस, बीमा सहित अन्य दस्तावेजों की नियमित रूप से जांच की जाए। सड़कों पर मानक गति सीमा का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सड़कों में आवारा घूमने वाले पशुओं को गौशाला भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के संबंध में स्कूल और कॉलेज में जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ओव्हर लोडिंग वाहनों पर कार्यवाही की जाए, नशामुक्ति अभियान चलाया जाए, शहर को साफ-सुथरा और कचरा मुक्त रखा जाए, सड़कों के गड्ढों का भराव किया जाए जिससे सड़क दुर्घटना की स्थिति न बने।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Share this story