अनूपपुर: रेलवे रैक प्वाइंट पर चावल परिवहन में खेल, निगम के अनुबंध की शर्तों पर उठे सवाल

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अनूपपुर: रेलवे रैक प्वाइंट पर चावल परिवहन में खेल, निगम के अनुबंध की शर्तों पर उठे सवाल


अनूपपुर: रेलवे रैक प्वाइंट पर चावल परिवहन में खेल, निगम के अनुबंध की शर्तों पर उठे सवाल


अनूपपुर, 17 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के लिए किए जा रहे चावल परिवहन कार्य में कथित रूप से बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है।

अनूपपुर रेलवे रैक प्वाइंट से मुरैना जिले के लिए भेजे जा रहे हजारों क्विंटल चावल के परिवहन में वाहनों की निर्धारित क्षमता से अधिक भार लादने, खाद्यान्न सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने तथा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किए जाने के आरोप लगे हैं। आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है और तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल परिवहन नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े खाद्यान्न की सुरक्षा और सरकारी संसाधनों के संरक्षण पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करेगा।

26 हजार क्विंटल चावल परिवहन में कथित गड़बड़ी

जानकारी के अनुसार अनूपपुर जिले के विभिन्न बीओटी गोदाम दारसागर, अन्नपूर्णा वेयरहाउस कोतमा, रामजानकी वेयरहाउस वेंकटनगर तथा श्री शिवाय वेयरहाउस से लगभग 26 हजार क्विंटल चावल ट्रकों के माध्यम से अनूपपुर रेलवे रैक प्वाइंट पहुंचाया जा रहा है। यह परिवहन कार्य निगम के परिवहनकर्ता गायत्री ट्रांसपोर्ट कटनी द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि परिवहन कार्य में लगाए गए अधिकांश ट्रकों में उनकी स्वीकृत वहन क्षमता से 5 से 10 टन तक अतिरिक्त भार लादा जा रहा है। यदि यह आरोप सही हैं तो यह न केवल मोटर वाहन कानूनों का उल्लंघन है बल्कि निगम और परिवहनकर्ता के बीच हुए अनुबंध की शर्तों के भी प्रतिकूल है।

अनुबंध की शर्तों की अनदेखी?

सूत्रों के अनुसार खाद्यान्न परिवहन से संबंधित अनुबंध में स्पष्ट प्रावधान है कि परिवहन में लगाए जाने वाले वाहनों पर निर्धारित क्षमता से अधिक भार नहीं लादा जाएगा। ओवरलोडिंग की स्थिति में दुर्घटना, माल क्षति तथा राजस्व हानि की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। इसके बावजूद कथित रूप से नियमों को ताक पर रखकर वाहनों में अतिरिक्त भार भरकर उन्हें सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि वाहनों का नियमित सत्यापन और वजन परीक्षण किया जा रहा है तो फिर इतनी बड़ी मात्रा में ओवरलोडिंग कैसे संभव हो रही है?

मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध

मोटर वाहन अधिनियम, 1988 तथा उससे संबंधित नियमों के तहत किसी भी मालवाहक वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलना दंडनीय अपराध है। ओवरलोडिंग पाए जाने पर वाहन स्वामी, परिवहनकर्ता और चालक के विरुद्ध जुर्माना, वाहन जब्ती तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। ब्रेकिंग सिस्टम और वाहन नियंत्रण प्रभावित होता है, पुल-पुलियों एवं सड़कों को भारी नुकसान पहुंचने के साथ सार्वजनिक सुरक्षा खतरे में पड़ती है।

रेलवे रैक प्वाइंट पर खाद्यान्न सुरक्षा भी सवालों के घेरे में

मामले का दूसरा गंभीर पहलू खाद्यान्न सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि अनूपपुर रेलवे रैक प्वाइंट पर चावल की बोरियों को बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के खुले स्थान पर उतारा जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार रैक प्वाइंट पर एडवांस लोडिंग के लिए पर्याप्त प्लेटफॉर्म या संरक्षित भंडारण व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद हजारों बोरी चावल खुले आसमान के नीचे रखे जाने की बात सामने आई है। वर्तमान समय में मानसून की सक्रियता और लगातार बदलते मौसम को देखते हुए खाद्यान्न के भीगने, खराब होने तथा गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। जहां बाद में चावल की गुणवत्तान प्रभावित होने की प्रबल संभावना है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाद्यान्न परिवहन और भंडारण के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता तो इसका सीधा असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) पर पड़ सकता है। बारिश या अनुचित रखरखाव के कारण चावल की गुणवत्ता प्रभावित होने पर सरकारी खजाने को नुकसान होने के साथ-साथ उपभोक्ताओं तक निम्न गुणवत्ता का खाद्यान्न पहुंचने का खतरा भी बढ़ जाता है। मामले में यदि वाहनों में क्षमता से अधिक भार लादा जा रहा था तो परिवहन कार्य की निगरानी करने वाले, वाहनों का वजन परीक्षण करने वाले, निगम के जिम्मेदार अधिकारी, खाद्यान्न सुरक्षा के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जिम्मेैदारी, खुले में रखी गई चावल की बोरियों की जिम्मेदारी किसकी होगी?

स्थानीय लोगों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी खाद्यान्न के परिवहन में नियमों की अनदेखी हो रही है तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि परिवहन कार्य में लगे वाहनों का रिकॉर्ड, वजन पर्चियां, परिवहन अनुबंध की शर्तें तथा रेलवे रैक प्वाइंट पर की गई व्यवस्थाओं की जांच की जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले परिवहनकर्ता एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सीमा सिन्हां, प्रभारी प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम अनूपपुर का कहना है कि मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नही है, अगर परिहवन कार्य में लगे ट्रक में ओव्हधर लोडिंग की जा रही है, तो इस संबंध में मै ठेकेदार से जानकारी लेती हॅू।

पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब का कहना है कि जानकारी मिली है, मेरे द्वारा कोतवाली पुलिस एवं यातायात विभाग को कार्यवाही के निर्देश दिये गये है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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