अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मध्य प्रदेश में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन
भोपाल, 05 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश में आगामी आठ मार्च को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन के निर्देश जारी किए हैं।
यह निर्देश मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भेजे गए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा करना तथा ग्राम स्तर पर ठोस निर्णय लेना है।
गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार इन विशेष ग्राम सभाओं में ग्राम पंचायत की सामान्य कार्यसूची के साथ-साथ शासन द्वारा निर्धारित विशेष बिंदुओं को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। सरकार का मानना है कि महिलाओं से जुड़े सामाजिक, स्वास्थ्य और आर्थिक विषयों पर ग्राम स्तर पर संवाद और जागरूकता बढ़ाना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से ग्राम सभाओं में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम सभाओं में बाल विवाह की रोकथाम, किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य और पोषण, धात्री माताओं की देखभाल, एनीमिया से ग्रस्त महिलाओं और किशोरियों के उपचार तथा व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ-साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। पंचायतों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सरकारी योजनाओं में महिला हितग्राहियों का चयन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
निर्देशों में पंचायत राज संस्थाओं में महिलाओं की वास्तविक भागीदारी को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। कई स्थानों पर यह देखा गया है कि महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर उनके परिवार के पुरुष सदस्य निर्णय लेते हैं और पंचायत के कार्य संचालित करते हैं। इसे प्रॉक्सी पंचायत प्रतिनिधित्व कहा जाता है। सरकार ने ग्राम सभाओं में इस विषय पर भी चर्चा कर जागरूकता बढ़ाने और महिला प्रतिनिधियों को सशक्त बनाने पर जोर दिया है।
इसके अलावा ग्राम सभाओं में लिंग आधारित हिंसा की रोकथाम पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। महिलाओं और बालिकाओं के प्रति होने वाली हिंसा को रोकने के लिए सामुदायिक स्तर पर क्या कदम उठाए जा सकते हैं, इस पर पंचायतों और ग्रामीण समुदाय को मिलकर रणनीति बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। महिलाओं और बालिकाओं को सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायतों की प्रतिबद्धता पर भी विशेष चर्चा होगी।
राज्य सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि इन विशेष ग्राम सभाओं की वीडियोग्राफी कराई जाए, ताकि कार्यक्रम की पारदर्शिता और रिकॉर्ड सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही ग्राम सभा की कार्यवाही और निर्णयों की पूरी जानकारी पंचायत निर्णय पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इससे शासन स्तर पर इन बैठकों की निगरानी और मूल्यांकन करना आसान होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

