मप्र में गरिमा और सम्मान के साथ मनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस

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मप्र में गरिमा और सम्मान के साथ मनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस


- सामाजिक न्याय मंत्री कुशवाह ने दिए प्रदेशभर में गरिमापूर्ण आयोजन के निर्देश

- शतायु वृद्धजनों का होगा सम्मान, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ आयोजित होंगी विभिन्न गतिविधियां

भोपाल, 20 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायन सिंह कुशवाह ने एक अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस प्रदेशभर में गरिमा और सम्मान के साथ मनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों ने अपने ज्ञान, अनुभव और परिश्रम से परिवार, समाज तथा राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमापूर्ण जीवन के लिए संवेदनशील एवं सहयोगात्मक वातावरण तैयार करना हम सभी का दायित्व है।

मंत्री कुशवाह ने रविवार को अपने संदेश में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन बनकर न रह जाएं। इनमें वृद्धजनों की अधिकतम और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनके साथ संवाद किया जाए तथा उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं के निराकरण की दिशा में सार्थक पहल की जाए।

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण आयुक्त के.जी. तिवारी ने सभी जिला कलेक्टरों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा विभागीय संयुक्त और उप संचालकों को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। वर्ष 2026 में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की निर्धारित थीम “गरिमा के साथ वृद्धावस्था: वृद्ध नागरिकों के लिए देखभाल और समर्थन प्रणालियों को मजबूत करने का महत्व” के अनुरूप जिलों में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वृद्धाश्रमों में निवासरत तथा अन्य वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान एवं अभिनंदन किया जाएगा। उनसे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली जाएगी। वृद्धजनों की सक्रिय सहभागिता और मनोरंजन के लिए कैरम, लूडो, शतरंज, गीत-संगीत तथा अन्य इंडोर गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से मोबाइल फोन, इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और कम्प्यूटर के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जिला चिकित्सालय, सिविल डिस्पेंसरी और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के समन्वय से विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित होंगे। इनमें रक्तचाप, मधुमेह, नेत्र परीक्षण सहित अन्य सामान्य स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की जाएगी।

जिलों में 100 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु पूरी कर चुके वरिष्ठ नागरिकों को चिन्हित कर “शतायु सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट किए जाएंगे। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम-2007 एवं मध्यप्रदेश नियम-2009 के अंतर्गत उपलब्ध अधिकारों, सहायता तथा शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी भी दी जाएगी।

पीढ़ियों के बीच अंतर कम करने तथा युवाओं में वृद्धजनों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता विकसित करने के लिए विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों और युवाओं की सहभागिता से संवाद, सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित होंगे। वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए संचालित एल्डरलाइन हेल्पलाइन-14567 का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।

जिला स्तर पर गठित समितियों की बैठक आयोजित कर वृद्धजनों के कल्याण, संरक्षण एवं पुनर्वास से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। कार्यक्रमों में मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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