अमरकंटक में बारिश-कोहरे का डेरा, ठंडी हवाओं से बढ़ी ठिठुरन; सड़कों पर थमी वाहनों की रफ्तार
अनूपपुर, 12 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की पवित्र नगरी अमरकंटक में पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। रिमझिम फुहारों के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने से जहां मौसम सुहाना हो गया है, वहीं ठंडी हवाओं और कोहरे ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। आसमान में लगातार बादल छाए रहने के कारण दो दिनों से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। बारिश के साथ चल रही ठंडी हवाओं से दिन के समय भी लोगों को ठिठुरन महसूस हो रही है।
अमरकंटक की पहाड़ियां सुबह और शाम घने कोहरे से ढकी नजर आ रही हैं। बारिश के बाद धुली हरी-भरी पहाड़ियां, पेड़-पौधों पर ठहरी पानी की बूंदें और बादलों से घिरा आसमान यहां की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं। मौसम खराब होने के बावजूद पर्यटक और श्रद्धालु अमरकंटक के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर पहुंचते दिखाई दे रहे हैं।
कोहरे के कारण सड़कों पर धीमी हुई वाहनों की रफ्तार
बारिश और कोहरे का सीधा असर अमरकंटक के मार्गों पर भी दिखाई दे रहा है। पहाड़ी इलाकों में कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को काफी सावधानी से सफर करना पड़ रहा है। कोहरे की वजह से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार कम हो गई है।
बारिश के बीच पहाड़ी रास्तों पर वाहन चलाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसके बावजूद अमरकंटक आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही जारी है। मौसम के बदले मिजाज के कारण सामान्य जनजीवन की रफ्तार जरूर प्रभावित हुई है।
बारिश ने दिहाड़ी मजदूरों की बढ़ाई परेशानी
लगातार हो रही बारिश का असर रोजाना मजदूरी कर परिवार चलाने वाले श्रमिकों पर भी पड़ा है। निर्माण कार्य सहित कई दैनिक मजदूरी से जुड़े काम प्रभावित होने के कारण मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।
कई श्रमिक सुबह काम मिलने की उम्मीद में घरों से निकलते हैं, लेकिन बारिश के कारण काम शुरू नहीं हो पाने पर उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। लगातार काम प्रभावित होने से मजदूर परिवारों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति भी बन रही है।
22 डिग्री अधिकतम और 18 डिग्री न्यूनतम तापमान
मौसम में आए बदलाव के बीच अमरकंटक में अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 22 दर्ज हुआ, जो अच्छे वायु गुणवत्ता स्तर को दर्शाता है।
बारिश, ठंडी हवाओं और लगातार बादलों के कारण दिन में भी तापमान सामान्य से ठंडा महसूस हो रहा है। पहाड़ियों पर छाया कोहरा और बादलों से ढका आसमान अमरकंटक की खूबसूरती को और बढ़ा रहा है।
प्राकृतिक सौंदर्य निखरा, लेकिन जनजीवन प्रभावित
लगातार बारिश से अमरकंटक की प्राकृतिक छटा और अधिक मनोहारी हो गई है। पहाड़ियों पर पसरा कोहरा, बारिश से धुली हरियाली और बूंदों से चमकते पेड़-पौधे पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि, इसी बारिश के कारण यातायात की रफ्तार धीमी हुई है और पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
इसके साथ ही दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। इस तरह मौसम का बदला रूप अमरकंटक के प्राकृतिक सौंदर्य को तो निखार रहा है, लेकिन आम लोगों के लिए परेशानी भी बढ़ा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

