इंदौर में 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाएं, पेड़, होर्डिंग और टीनशेड उड़े

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इंदौर में 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाएं, पेड़, होर्डिंग और टीनशेड उड़े


इंदौर में 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाएं, पेड़, होर्डिंग और टीनशेड उड़े


मप्र: प्री-मानसून एक्टिविटी का असर पूरे प्रदेश में, कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि

भाेपाल, 01 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मानसून आने से पहले ही मौसम ने पूरी तरह करवट ले ली है। सोमवार को मालवा, निमाड़, भोपाल, ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि देखने को मिली। राजधानी भोपाल में दिनभर बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

नौतपा की तपिश के बीच सोमवार को मौसम ने अचानक ऐसी करवट बदली कि प्रदेश का सबसे बड़ा शहर इंदौर कुछ देर के लिए थम सा गया। दोपहर बाद चली भीषण धूल भरी आंधी ने पूरे शहर को धूल के गुबार में लपेट लिया। हालात ऐसे बन गए कि कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो गई और लोगों को दिन में ही अंधेरा महसूस होने लगा। करीब 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी के साथ आसमान पर घने बादलों का डेरा जम गया और देखते ही देखते शहर का मौसम पूरी तरह बदल गया। कई स्थानों पर रिमझिम बारिश भी हुई, जिससे भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली। हालांकि तेज हवाओं ने शहर में व्यापक नुकसान भी पहुंचाया।

कई जगह पेड़ और होर्डिंग गिरे

तेज हवाओं के कारण इंदौर के विभिन्न इलाकों में बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए। राऊ क्षेत्र में सड़क के बीचों बीच एक विशाल होर्डिंग गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में नगर परिषद की टीम ने जेसीबी की सहायता से होर्डिंग हटाकर यातायात सुचारु कराया। खातीपुरा क्षेत्र में सरकारी स्कूल के पास एक पेड़ और बिजली का पोल गिरने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। कई स्थानों पर मकानों और दुकानों के टीनशेड उड़ गए, जबकि खुले में रखा सामान भी बिखर गया। शहर के अनेक हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। कनाड़िया क्षेत्र में तेज हवाओं के बीच धूल का विशाल बवंडर देखने को मिला। अचानक उठे इस बवंडर ने आसपास के क्षेत्र को धूल के गुबार से भर दिया। कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति प्री-मानसून गतिविधियों के कारण बनी।

महू में टेंट उड़ा, सड़कों पर गिरे पेड़

इंदौर से लगे महू क्षेत्र में भी आंधी का व्यापक असर देखने को मिला। गोशाला परिसर में आयोजित भंडारे का टेंट तेज हवा में उड़ गया और पूरा सामान अस्त-व्यस्त हो गया। हरिफाटक क्षेत्र में हाई स्कूल और कई मकानों की छतों की चादरें उड़ गईं। मालवीय नगर में पेड़ गिरने से कई वाहन दब गए, जबकि महू-मानपुर और महू-सिमरोल मार्ग पर पेड़ गिरने से लंबा जाम लग गया। छावनी परिषद कार्यालय परिसर में भी एक बड़ा पेड़ गिर गया। धार नाका और बायपास क्षेत्र में धूल भरी आंधी के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पड़ोसी जिले देवास में भी आंधी ने कहर बरपाया। ग्राम सिया में कई मकानों के टीनशेड उड़ गए, जबकि रूपाखेड़ी क्षेत्र में एक दीवार गिरने से एक ही परिवार के सात लोग घायल हो गए। कई स्थानों पर बिजली के पोल झुकने से विद्युत आपूर्ति बाधित रही। माता टेकरी की लाइटिंग व्यवस्था भी क्षतिग्रस्त हो गई।

प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश का असर

प्री-मानसून गतिविधियों का असर केवल इंदौर तक सीमित नहीं रहा। उज्जैन, सीहोर, टीकमगढ़, गुना, शिवपुरी, बैतूल, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, मंडला, पांढुर्णा और नर्मदापुरम सहित अनेक जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। सीहोर में भोपाल-इंदौर रोड पर कई पेड़ गिर गए, जबकि चाणक्यपुरी कॉलोनी में बिजली की डीपी से करंट लगने से दो बकरियों की मौत हो गई। शाजापुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। अकोदिया मंडी में खुले में रखी किसानों और व्यापारियों की उपज भीग गई। मक्सी के समीप एक बीएसएनएल टावर झुक गया, जबकि कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया। पांढुर्णा में महज 20 मिनट की बारिश में नाले-नालियां उफान पर आ गईं और सड़कों पर पानी भर गया। राजगढ़, खिलचीपुर, माचलपुर, जीरापुर, सतना और मंडला में भी बारिश का असर दिखाई दिया। सतना में करीब 20 मिनट तक तेज बारिश हुई, जबकि मंडला में सुबह से रुक-रुक कर पानी गिरता रहा। तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

नौतपा की तपिश पर लगा ब्रेक

लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मौसम के इस बदलाव ने लोगों को बड़ी राहत दी। इंदौर में मई के अंतिम दिन अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम रहा। यह पूरे मई माह का सबसे कम तापमान भी रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी तथा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील

तेज हवाओं और आंधी के मद्देनजर प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने, बड़े पेड़ों और कमजोर होर्डिंगों के पास खड़े न होने तथा बिजली के तारों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। नगर निगम और बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटी हुई हैं। एक ओर जहां आंधी और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं दूसरी ओर नौतपा की भीषण गर्मी से राहत मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने पूरे मालवा-निमाड़ अंचल में गर्मी के तेवरों पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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