इंदौरः जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ, किसानों ने अपनी उपज बेचने में दिखाया भारी उत्साह

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इंदौरः जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ, किसानों ने अपनी उपज बेचने में दिखाया भारी उत्साह


इंदौरः जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ, किसानों ने अपनी उपज बेचने में दिखाया भारी उत्साह


- अपनी उपज लाने वाले किसानों का पुष्पमाला एवं साफा पहनाकर किया गया स्वागत

इंदौर, 09 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य गुरुवार से विधिवत प्रारंभ हो गया है। लक्ष्मीनगर मंडी प्रांगण स्थित शासकीय गेहूं उपार्जन केंद्र का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक मधु वर्मा एवं कलेक्टर शिवम वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में गेहूं खरीदी का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं किसानों की उपस्थिति में कृषक विजू कुमावत एवं अभिषेक यादव का साफा बांधकर एवं पुष्पमाला पहनाकर सम्मान किया गया तथा उनसे प्रतीकात्मक रूप से गेहूं खरीदी की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में सुमित मिश्रा, श्रवणसिंह चावड़ा, ईश्वर सिंह पटेल, विशाल पाठक, नारायण पटेल, सुमेर सिंह सोलंकी, घनश्याम भाटी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला उपार्जन समिति के अधिकारीगण एवं सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।

जिले में कुल 41,750 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक 7,840 किसानों ने स्लॉट बुक करा लिया है। जिले के 90 उपार्जन केंद्रों में से किसी भी केंद्र पर किसान अपनी सुविधा अनुसार तिथि का स्लॉट बुक कर अपनी उपज का विक्रय कर सकते हैं। गेहूं खरीदी का कार्य जिले में 5 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा।

उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए सरल-सहज-सुगम व्यवस्था उपलब्ध : मंत्री सिलावट

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि प्रदेश सहित जिला इंदौर जिले में आज से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ कर दी गई है। सांवेर विधानसभा के 38 उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए सरल, सहज और सुगम व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

उन्होंने बताया कि सभी उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बिजली, पेयजल, शीतल हवा, शेड एवं छायादार स्थान की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही इस महत्वपूर्ण और व्यापक गेहूं उपार्जन कार्य में सेवाभावी सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं से भी सहयोग करने का आव्हान किया गया है।

मंत्री सिलावट ने कहा कि यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। प्रदेश सरकार किसानों के हितों के संरक्षण और उनकी आय बढ़ाने के लिए सतत प्रयासरत है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सिलावट ने बताया कि सभी उपार्जन केन्द्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं तथा नियंत्रण कक्ष भी बनाए गए हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपार्जन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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