इंदौरः अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने लिया पेयजल और गेंहू उपार्जन व्यवस्थाओं का जायजा
इंदौर, 07 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव व इंदौर संभाग के प्रभारी अनुपम राजन ने गुरुवार को संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े के साथ धार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल जीवन मिशन और समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन सम्बंधी व्यवस्थाएं देखी।
एसीएस राजन गुरुवार को पेयजल सम्बंधी समस्याओं का जायजा लेने के लिए सेजवाया और लेबड़ पहुँचे। यहां उन्होंने ग्रामीणों से सीधा फीडबैक लिया। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि 2 वर्ष से पंचायत द्वारा योजना संचालित की जा रही है। पानी पर्याप्त समय उपलब्ध होता है। साथ ही इस दौरान मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारी से भी जानकारी लेकर जल कर वसूली के सम्बंध में निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव राजन ने बाकसाना व लेबड़ के उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया। उपार्जन केंद्र पर मौजूद किसानों से उन्होंने भुगतान, स्लॉट बुकिंग के साथ ही किसानों से सुझाव भी मांगे। इस दौरान इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक चौधरी सहित खाद्य विभाग, पीएचई और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
उपार्जन के संबंध में किसानों से जानी प्रक्रिया
एसीएस राजन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जन केंद्रों पर पर्याप्त इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे अनिवार्य रूप से चालू रहें ताकि किसानों को प्रतीक्षा न करनी पड़े। उन्होंने एफएक्यू (FAQ) मापदंड के अनुरूप खरीदी, पर्याप्त बारदाना, तिरपाल की उपलब्धता और खरीदे गए अनाज के तत्काल परिवहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही केंद्रों पर किसानों के लिए छायादार स्थान और ठंडे पेयजल की उपलब्धता को प्राथमिकता देने को कहा।
इसके बाद अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन की अध्यक्षता में गुरुवार को गेहूँ उपार्जन एवं पेयजल व्यवस्था को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक हुई। बैठक में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी शामिल हुए। बैठक में इंदौर से संयुक्त विकास आयुक्त विकास शिवानी वर्मा, विकास उपायुक्त पुरुषोत्तम पाटीदार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के चीफ इंजीनियर संजय कुमार एवं अधीक्षण यंत्री शामिल रहे।
पेयजल और उपार्जन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता, कलेक्टर स्वयं करेंगे निरीक्षण
धार वीसी कक्ष से संचालित हुई कान्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव राजन ने संभाग के गेहूँ उपार्जन एवं पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने सभी कलेक्टर्स को निर्देशित करते हुए कहा कि पेयजल और उपार्जन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इस पर विशेष ध्यान दे। उन्होंने कहा कि गेहूँ उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण करने के लिए निरीक्षण दल बनाकर सतत मॉनिटरिंग करें और समीक्षा भी करें। उन्होंने कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर किसानों का गेहूँ तुलाई समय पर हो, शेष समय में पर्याप्त तौल कांटों की निगरानी रखें। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए शीतल पेयजल, छाया सहित बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाए। जो भी स्थानीय समस्या आये कलेक्टर तत्काल सक्रियता के साथ निराकरण करेंगे। किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आये, इसका विशेष ध्यान रखें।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव राजन ने कहा कि संभाग के सभी जिलों में शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही हैण्डपम्पों का संधारण किया जाए। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान और राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

