इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में शिलॉन्ग कोर्ट ने सोनम को दी जमानत, पीड़ित परिवार ने हाईकोर्ट जाने की कही बात
इंदौर, 28 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी मर्डर केस मामले की मुख्य आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को शिलॉन्ग की अदालत ने जमानत दे दी है। यह निर्णय चौथी सुनवाई के दौरान आया, जिससे पीड़ित परिवार को गहरा आघात पहुंचा है।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अदालत ने अपने अधिकार क्षेत्र का उपयोग करते हुए जमानत मंजूर की है। वहीं, मृतक के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि उन्हें वकील के माध्यम से इस फैसले की जानकारी मिली। सोनम को जमानत कल ही मिल चुकी है और संभव है कि आज जेल से रिहा हो जाए। परिवार का कहना है कि जमानत के पीछे बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में खामियों का मुद्दा उठाया, जिसे अदालत ने स्वीकार किया। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि उन्हें सुनवाई की पूरी जानकारी नहीं दी गई और वे अपनी बात अदालत के सामने नहीं रख सके।
इस फैसले के बाद परिवार ने उच्च न्यायालय में अपील करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे और जमानत को चुनौती देंगे। विपिन ने बताया कि राज कुशवाहा की जमानत अर्जी भी लगाई गई है। अगर मुझे पेशी के लिए बुलाया जाता तो मैं जरूर जाता। इससे पहले बलबीर और तोमर को बरी किया गया था, तब मुझसे पूछा गया था कि क्या मुझे कोई आपत्ति है। मैंने कहा था कि किसी निर्दोष को नहीं फंसना चाहिए, इसलिए मुझे उनकी रिहाई से कोई आपत्ति नहीं थी। बता दें कि राजा रघुवंशी मर्डर केस में गिरफ्तार पांच में से अब तक चार आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। इनमें सोनम, लोकेंद्र सिंह तोमर, गार्ड बलबीर अहिरवार और शिलोम जेम्स हैं।
राजा की मां बोलीं-“परिवार और वकील मिले हुए हैं”
मृतक राजा रघुवंशी की मां ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि “सोनम के घरवाले इस पूरे मामले में मिले हुए हैं।” उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या के बाद भी आरोपी को जमानत मिलना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि उन्हें अब न्याय व्यवस्था पर भरोसा डगमगाता हुआ लग रहा है। उनके अनुसार, परिवार को समय पर अदालत की कार्रवाई की पूरी जानकारी नहीं दी गई और उन्हें लगा कि मामले में निष्पक्षता की कमी रही है। मां ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में उनके वकील की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अब तक यह मानकर बैठे थे कि न्याय मिलेगा, लेकिन इस फैसले ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया है। इस बीच परिवार ने कहा है कि वे इस जमानत आदेश को चुनौती देने के लिए आगे कानूनी विकल्प अपनाएंगे।
23 मई 2025 को हुई थी हत्या
गौरतलब है कि राजा रघुवंशी की हत्या 23 मई 2025 को हुई थी। राजा एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी थे और उनकी शादी सोनम रघुवंशी से 11 मई 2025 को ही हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद 21 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय के शिलॉन्ग पहुंचे थे। इसी दौरान 23 मई को दोनों के लापता होने की खबर सामने आई थी। करीब दस दिन बाद पुलिस ने एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद किया था। उस पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। उस समय सोनम लापता थी लेकिन बाद में उसने उत्तर प्रदेश में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

