इंदौरः जनसुनवाई बनी जरूरतमंदों के लिए सहारा, इलाज से लेकर बच्चों के भविष्य तक प्रशासन ने बढ़ाया मदद का हाथ

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इंदौरः जनसुनवाई बनी जरूरतमंदों के लिए सहारा, इलाज से लेकर बच्चों के भविष्य तक प्रशासन ने बढ़ाया मदद का हाथ


- 46 बच्चों के बनाए जाएंगे जन्म प्रमाणपत्र, बच्चों को मिलेगी नई पहचान

इंदौर, 19 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई एक बार फिर आमजन के लिए राहत का सशक्त माध्यम बनी। जनसुनवाई में पहुंचे विभिन्न आवेदकों की समस्याओं को कलेक्टर शिवम वर्मा ने गंभीरता से सुना तथा संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए सहायता उपलब्ध कराई। प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली से लाभान्वित हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं कलेक्टर वर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया।

भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा जनसुनवाई में आने वाले आवेदकों की सुविधा हेतु विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। कलेक्टर वर्मा के निर्देश पर परिसर में बैठने की समुचित व्यवस्था, शीतल पेयजल, कुलर एवं मिस्ट कूलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई। साथ ही प्रत्येक आवेदक की वातानुकूलित कक्ष में सुनवाई की गई, ताकि उन्हें सहज एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।

कलेक्टर वर्मा ने स्वयं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा पेयजल की गुणवत्ता जांचने के लिए स्वयं पानी पीकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जनसुनवाई में बोहरा समाज के समाजजनों के साथ पहुंचे शेख ताहा ने कलेक्टर वर्मा को शॉल पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि बुरहानुद्दीन महूवाला नामक व्यक्ति बीमार अवस्था में लावारिस हालत में सड़क पर मिले थे। जिसके बाद जिला प्रशासन के सहयोग से उन्हें वृद्धाश्रम में भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस मानवीय सहयोग के लिए उन्होंने शासन-प्रशासन का आभार जताया।

एयरपोर्ट क्षेत्र निवासी मोहित बच्चों को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने बताया कि आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में क्षेत्र के 46 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं, जिससे उन्हें कई परेशानियों के साथ शिक्षा के लिए स्कूलों में एडमिशन नहीं हो पा रहे हैं। इन बच्चों का जन्म अस्पताल में न होकर, घर पर हुआ था। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल क्षेत्र में कल विशेष शिविर आयोजित कर जन्म प्रमाण पत्र बनाने एवं बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एक अन्य प्रकरण में माया मोइन के उपचार की व्यवस्था होने पर क्षेत्रीय रहवासी जनसुनवाई में पहुंचे और माला पहनाकर कलेक्टर वर्मा का आभार व्यक्त किया। रहवासी पवन पांचाल ने कलेक्टर का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि माया मोइन के लीवर में गांठ थी तथा आर्थिक तंगी के कारण उनका उपचार संभव नहीं हो पा रहा था। जनसुनवाई में मामला सामने आने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर डेढ़ लाख रुपये के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई। एक-दो दिन में उसका ऑपरेशन कराया जाएगा।

अन्य प्रकरण में एक बालिका को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए दो लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। वे किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं तथा उनकी माताजी उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट करेंगी। सहायता मिलने के बाद परिजनों ने जनसुनवाई में पहुंचकर मिठाई भेंट कर शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

कलेक्टर वर्मा ने आमजन से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में कई आवेदन प्राप्त हुए जिसमें मुख्य रूप में प्लॉट, संपत्ति, पारिवारिक विवाद, चिकित्सा सहायता और रोजगार से जुड़े प्रकरण रहे। जनसुनवाई में सभी विभागीय अधिकारियों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पंवार, रिंकेश वैश्य ने जनसुनवाई में भाग लेकर नागरिकों की समस्याओं को सहानुभूति के साथ सुना और उनका निराकरण किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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