इंदौर में घनी बस्तियों के नीचे मेट्रो टनल का विरोध, रहवासियों ने मांगा वैकल्पिक रूट

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इंदौर में घनी बस्तियों के नीचे मेट्रो टनल का विरोध, रहवासियों ने मांगा वैकल्पिक रूट


इंदौर, 13 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में वार्ड 49 के पूर्वी क्षेत्र की घनी आबादी वाली कॉलोनियों से प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन निकालने के विरोध में रविवार को रहवासी सड़क पर उतर आए। तिलक नगर, साईनाथ कॉलोनी, गोयल नगर, पत्रकार कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों के लोग बंगाली चौराहे के पास मेट्रो ऑफिस के समीप एकत्र हुए और प्रस्तावित रूट पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

प्रदर्शनकारियों ने ‘वार्ड 49 बचाओ, भूमिगत मेट्रो हटाओ’ के नारे लगाए। रहवासियों का कहना है कि वे मेट्रो परियोजना या शहर के विकास के विरोध में नहीं हैं, लेकिन घनी आबादी के नीचे से भूमिगत लाइन निकालने को लेकर कई आशंकाएं हैं। उन्होंने प्रशासन से प्रस्तावित रूट की दोबारा समीक्षा कर वैकल्पिक मार्ग से मेट्रो लाइन निकालने की मांग की।

बोरिंग सूखने और पुराने मकानों में दरार की जताई आशंका

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, क्षेत्र में बड़ी संख्या में परिवार पेयजल के लिए बोरिंग पर निर्भर हैं। उनका दावा है कि टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) से भूमिगत खुदाई के दौरान बोरिंग प्रभावित होने से जलस्रोतों पर असर पड़ सकता है। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में मौजूद 50 से 60 साल पुराने मकानों की नींव को लेकर भी चिंता जताई। रहवासियों को आशंका है कि भूमिगत निर्माण के दौरान कंपन या जमीन की हलचल से पुराने मकानों में दरारें आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

धूल-शोर और कंपन से भी परेशानी की आशंका

रहवासियों ने निर्माण अवधि को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि यदि क्षेत्र में 2 से 3 साल तक निर्माण कार्य चलता है तो धूल, शोर और कंपन से बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों और स्थानीय लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। प्रदर्शनकारियों ने करीब 3.3 किलोमीटर के भूमिगत खंड को लेकर परियोजना की लागत और इससे पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक भार पर भी सवाल उठाए।

गजट नोटिफाइड रूट पर ले जाने की मांग

रहवासियों ने मांग की कि घनी आबादी वाली कॉलोनियों के नीचे से लाइन निकालने के बजाय मेट्रो को पूर्व निर्धारित गजट नोटिफाइड रूट से ले जाया जाए। इसके अलावा उन्होंने वर्ल्ड कप चौराहा, शिवाजी प्रतिमा, एमवाय हॉस्पिटल होते हुए बस स्टैंड तक वैकल्पिक मार्ग का सुझाव दिया। उनका कहना है कि वैकल्पिक रूट पर तकनीकी और व्यवहारिक संभावनाओं का अध्ययन कर समस्या का समाधान किया जा सकता है।

प्रदर्शन में सीए मनीष जैन, अमिताभ उपाध्याय, विपुल जैन, शैलेन्द्र जैन, मनोज दलाल, विकास मिश्रा, अंकित दुबे और राजीव जैन सहित बड़ी संख्या में रहवासी शामिल हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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