इंदौर नगर निगम की नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के पदभार से पहले भाई गिरफ्तार, सियासत गरमाई

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इंदौर नगर निगम की नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के पदभार से पहले भाई गिरफ्तार, सियासत गरमाई


इंदौर, 29 जून (हि.स.)। इंदौर नगर निगम की नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के पदभार ग्रहण समारोह से ठीक पहले इंदौर में सियासी हलचल तेज हो गई। पंढरीनाथ थाना पुलिस ने रविवार देर रात उनके भाई बादशाह मिमरोट को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी 18 जून को कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई। सोमवार को पुलिस ने आरोपी को एसीपी कोर्ट में पेश किया।

पंढरीनाथ थाना प्रभारी सतीश पटेल के मुताबिक, 18 जून को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा नामांकन रद्द होने के विरोध में कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया था। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन बिना अनुमति किया गया और इस दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई। साथ ही पुलिस अधिकारियों से अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने की शिकायत भी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान बादशाह मिमरोट की भूमिका सामने आने पर उन्हें आरोपी बनाया गया था। पुलिस के अनुसार, इसी मामले में रविवार रात उन्हें गिरफ्तार किया गया।

पदभार ग्रहण की तैयारियों के बीच गिरफ्तारी

आज यानि सोमवार को सोनिला मिमरोट नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष का पदभार ग्रहण करने वाली हैं। बताया जा रहा है कि उनके भाई बादशाह मिमरोट समारोह की तैयारियों में जुटे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई।

सोनिला मिमरोट समेत चार पर दर्ज है एफआईआर

पुलिस के मुताबिक, कलेक्ट्रेट प्रदर्शन से जुड़े मामले में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट का नाम भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

कांग्रेस ने बताया राजनीतिक षड्यंत्र

गिरफ्तारी के समय को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष के पदभार ग्रहण से ठीक पहले यह कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। उनके मुताबिक, विपक्ष की आवाज दबाने और पदभार ग्रहण कार्यक्रम को प्रभावित करने के उद्देश्य से पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है।

नेता प्रतिपक्ष बदलने के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

हाल ही में कांग्रेस नेतृत्व ने नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी चिंटू चौकसे से लेकर वार्ड-45 की पार्षद सोनिला मिमरोट को सौंपी है। इसके बाद से ही पार्टी के भीतर और बाहर राजनीतिक चर्चाएं तेज थीं। अब पदभार ग्रहण से ठीक पहले उनके भाई की गिरफ्तारी ने इस घटनाक्रम को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए विरोध दर्ज करा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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