इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ से पहले सड़काें पर लगे ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर,100 से ज्यादा जगहों पर होर्डिंग-बैनर, कांग्रेस ने हटाए
इंदौर, 19 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदाैर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शनिवार को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले शहर में पोस्टर वार शुरू हो गया।
शुक्रवार देर रात शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर ‘झूठ की गूंज’ लिखे 100 से ज्यादा पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए। गीता भवन, पलासिया, एमआर-9, विजय नगर, भंवरकुआं सहित शहर के कई हिस्सों में ये पोस्टर दिखाई दिए। इनमें राहुल गांधी की तस्वीर के साथ ‘झूठ की गूंज पर होगी सत्य की विजय’ लिखा है। पोस्टरों में क्यूआर कोड भी दिया गया है। उसे स्कैन करने पर एक वेबसाइट खुलती है, जिसमें राहुल गांधी के कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे के भाषणों से जुड़े करीब 40 दावों की पड़ताल किए जाने का दावा किया गया है।
पोस्टर- होर्डिंग किस संगठन या व्यक्ति ने लगाए, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। किसी संगठन ने सार्वजनिक रूप से इनकी जिम्मेदारी भी नहीं ली है। वही, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ये पोस्टर भाजपा से जुड़े लोगों ने लगवाए हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में बाधाएं पैदा करने के बाद अब शहर में विरोधी होर्डिंग लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने और जनता के बीच जाने का अधिकार है। चौकसे ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के लिए प्रशासन, नगर निगम, आईडीए और पुलिस के स्तर पर कई तरह की अड़चनें सामने आईं। कांग्रेस के मुताबिक इन सबके बावजूद कार्यक्रम शनिवार को निर्धारित स्थल पर होगा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई जगह से हटाए पोस्टर
शनिवार सुबह पोस्टरों की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया समर्थकों के साथ कुछ स्थानों पर पहुंचे और कई पोस्टर हटाए। कांग्रेस पार्षद ने कहा कि उन्हें सुबह पोस्टर लगाए जाने की जानकारी मिली, उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ये पोस्टर बिना अनुमति लगाए गए हैं तो नगर निगम की टीम ने रात में ही कार्रवाई क्यों नहीं की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर पिछले कई दिनों से प्रशासनिक स्तर पर अड़चनें पैदा की जा रही हैं और अब विरोध में पोस्टर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं से संवाद के कार्यक्रम को किसी भी तरह प्रभावित नहीं किया जा सकता।
कार्यक्रम को लेकर पहले से चल रहा विवाद
गाैरतलब है कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर स्थल, शुल्क और अनुमति को लेकर भी कांग्रेस और प्रशासन के बीच विवाद सामने आया था। कांग्रेस पहले नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम करना चाहती थी। बाद में रीजनल पार्क के सामने आईडीए की जमीन तय हुई। आईडीए ने करीब 12 हजार वर्गमीटर जमीन तीन दिन के लिए 10.08 लाख रुपए के शुल्क पर आवंटित की थी। आईडीए के मुताबिक जमीन के करीब 4,800 वर्गमीटर हिस्से का उपयोग तय अवधि से पहले शुरू होने के कारण कांग्रेस से 4,03,270 रुपए अतिरिक्त शुल्क मांगा गया था। कांग्रेस ने यह राशि जमा कर दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

