इंदाैर दूषित पानी से माैत मामले में सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार से जवाब मांगा, अधिकारियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग

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इंदाैर दूषित पानी से माैत मामले में सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार से जवाब मांगा, अधिकारियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग


इंदौर , 04 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई 32 मौतों के मामले को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सोशल मीडिया अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत बुधवार काे इंदौर पहुंचीं। उन्होंने इस घटना को लेकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों पर सवाल उठाते हुए इसे केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि “सिस्टम की गंभीर विफलता” बताया।

पत्रकार वार्ता काे संबाेधित करते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि एक ओर सरकार ‘विकसित भारत’ के बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में नागरिक दूषित पानी पीने से अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं करा पा रही है, तो विकास के दावे अर्थहीन लगते हैं।

जल जीवन मिशन की कार्यप्रणाली पर सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता ने ‘जल जीवन मिशन’ की प्रगति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि योजना के लिए 68 हजार करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था, लेकिन अब तक केवल 17 हजार करोड़ रुपये ही खर्च किए गए हैं। उनका आरोप है कि सरकार जमीनी जरूरतों के बजाय कागजी योजनाओं पर अधिक ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दूषित पानी से मौतों की घटनाएं इससे पहले नोएडा और गुजरात में भी सामने आ चुकी हैं, इसके बावजूद सिस्टम स्तर पर ठोस सुधार नहीं किए गए।

प्रभावित क्षेत्र में लोगों से संवाद

इंदौर पहुंची कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने प्रभावित इलाकों में जाकर स्थानीय लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी।

इस मामले में कांग्रेस ने सरकार के सामने तीन मांगें रखी हैं—

विधायक का इस्तीफा: भागीरथपुरा क्षेत्र के विधायक नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें।

अधिकारियों पर एफआईआर: जिन अधिकारियों की निगरानी में यह लापरवाही हुई, उन पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए।

मुआवजा: मृतकों के प्रत्येक परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

इंदौर की छवि पर सवाल

देश के सबसे स्वच्छ शहर के एक क्षेत्र में एक साथ बड़ी संख्या में मौतों की घटना ने नगर निगम और पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक सरकार को घेरने की रणनीति अपनाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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