उज्जैन में उतंत्र-मंत्र के लिए बेच रहा था वन्यजीवों के अंग
उज्जैन, 02 जुलाई (हि.स.)। तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास की आड़ में प्रतिबंधित वन्य जीवों के अंगों की कथित खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए हरसिद्धि क्षेत्र से एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अपनी दुकान से कथित तौर पर हठ जोड़ी सहित वन्यजीवों से जुड़े प्रतिबंधित अवशेष बेचने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान सात हठ जोड़ी बरामद की गई हैं। साथ ही उसके मोबाइल फोन से अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर विभाग पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुट गया है।
वन मंडल अधिकारी अनुराग तिवारी ने बताया कि यश शर्मा 35 वर्ष निवासी हरसिद्धि की पाल की दुकान हरसिद्धि मंदिर के सामने स्थित है। वन विभाग के अनुसार लंबे समय से आरोपी की गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद विभाग ने एक व्यक्ति को ग्राहक बनाकर दुकान पर भेजा। जब सौदा तय हो गया तो टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान दुकान से 7 हठ जोड़ी बरामद की गईं। इसके अलावा आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। मोबाइल की प्रारंभिक जांच में व्हाट्सएप चैट, प्रतिबंधित वन्य जीवों से जुड़े कई आर्टिफैक्ट्स की तस्वीरें और लेन-देन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।
फोरेंसिक जांच के बाद बढ़ सकती हैं गंभीर धाराएं
बरामद सामग्री को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए जबलपुर स्थित वन्यजीव फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि जब्त की गई हठ जोड़ी संरक्षित वन्यजीव मॉनिटर छिपकली (गोह) से संबंधित है या नहीं। यदि इसकी पुष्टि होती है तो आरोपी के खिलाफ और अधिक गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पढ़ाई के साथ कर रहा था अवैध कारोबार
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पढ़ाई के साथ-साथ इस अवैध कारोबार में भी संलिप्त था। फिलहाल वन विभाग उससे पूछताछ कर पूरे मामले की कडियां जोडऩे में लगा है। वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। वन मंडल अधिकारी अनुराग तिवारी ने आमजन से अपील की है कि तंत्र-मंत्र या चमत्कार के नाम पर बेचे जाने वाले ऐसे सामानों के झांसे में न आएं।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल

