कन्नौद सिविल अस्पताल में दंत चिकित्सक तैनात, लेकिन उपकरणों के अभाव में इलाज ठप

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कन्नौद सिविल अस्पताल में दंत चिकित्सक तैनात, लेकिन उपकरणों के अभाव में इलाज ठप


देवास, 30 जून (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के देवास जिले के कन्नौद स्थित शासकीय सिविल अस्पताल में दंत चिकित्सक की मौजूदगी के बावजूद मरीजों को दंत उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल में पिछले करीब तीन वर्षों से दंत चिकित्सक पदस्थ हैं, लेकिन डेंटल चेयर और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं होने से डॉक्टर चाहकर भी मरीजों का उपचार नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में दांत संबंधी समस्याओं से परेशान मरीजों को मजबूरी में निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है।

कन्नौद का सिविल अस्पताल आसपास के करीब 40 गांवों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। यहां रोजाना दांत दर्द, मसूड़ों की बीमारी, मुंह के संक्रमण और अन्य दंत समस्याओं से पीड़ित मरीज उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण उन्हें बिना इलाज लौटना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्रीय विधायक आशीष शर्मा के प्रयासों से अस्पताल में दंत चिकित्सक की नियुक्ति तो हो गई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अब तक आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं करा पाया है। इससे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं कि जब विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं तो उन्हें इलाज के लिए जरूरी संसाधन क्यों नहीं दिए जा रहे हैं।

हाईवे पर हादसों के मरीजों को भी नहीं मिल रहा लाभ

कन्नौद सिविल अस्पताल इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे पर स्थित है, जिसके कारण यहां सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीज बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। दुर्घटनाओं में कई बार चेहरे, जबड़े और दांतों में गंभीर चोटें आती हैं। ऐसे मामलों में दंत चिकित्सक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, लेकिन उपकरणों के अभाव में मरीजों को तत्काल दंत उपचार नहीं मिल पाता।

विशेषज्ञों के अनुसार दंत चिकित्सा केवल दांत निकालने या भरने तक सीमित नहीं है। मसूड़ों की बीमारी, मुंह के संक्रमण, जबड़े की समस्या और ओरल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान में भी दंत चिकित्सक की अहम भूमिका होती है।

तीन साल से डॉक्टर पदस्थ, फिर भी व्यवस्था अधूरी

बताया गया कि कन्नौद सिविल अस्पताल में करीब तीन वर्षों से दंत चिकित्सक डॉ. आकांक्षा मिश्रा पदस्थ हैं। हाल ही में एक अन्य दंत चिकित्सक डॉ. सृष्टि गुप्ता ने भी पदभार ग्रहण किया है, लेकिन इसके बावजूद मरीजों को उपचार सुविधा नहीं मिल पा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2011-12 में पदस्थ रहे तत्कालीन दंत चिकित्सक डॉ. अमित मालाकार के समय अस्पताल में दंत उपचार से जुड़े सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध थे और मरीजों का इलाज अस्पताल में ही होता था। वर्ष 2016 में उनके स्थानांतरण के बाद से दंत उपचार की सुविधा प्रभावित हो गई।

पार्षद और समाजसेवी फारुख केले वाले ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल में जल्द से जल्द डेंटल चेयर, डेंटल एक्स-रे यूनिट सहित अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने के लिए मजबूर न होना पड़े।

विधायक ने जल्द उपकरण उपलब्ध कराने का दिया भरोसा

विधायक पंडित आशीष शर्मा ने कहा कि अस्पताल में दंत चिकित्सा से जुड़े जो भी उपकरण जिला स्तर पर उपलब्ध होंगे, उन्हें जल्द ही कन्नौद सिविल अस्पताल के लिए उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

वहीं ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. लोकेश मीणा ने बताया कि दंत चिकित्सक अस्पताल में पदस्थ हैं, लेकिन उपकरण उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि दंत उपचार में उपयोग होने वाले उपकरणों की मांग जिला कार्यालय को भेजी गई थी, लेकिन अभी तक उपलब्धता नहीं हो सकी है।

हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्‍द्र राठी

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