मध्य प्रदेश में पर्यावरण-संरक्षण के संदेश के साथ मनेगी होली

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मध्य प्रदेश में पर्यावरण-संरक्षण के संदेश के साथ मनेगी होली


- गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन को बढ़ावा- मुख्यमंत्री डॉ. यादव उत्कृष्ट गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन करने वाली संस्थाओं एवं पदाधिकारियों को देंगे प्रशस्ति-पत्र

भोपाल, 27 फरवरी (हि.स.)। इस वर्ष होली पर्व को पर्यावरण-संरक्षण और सामाजिक सद्भाव के संदेश के साथ मनाया जाए। इसके लिए राज्य शासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आपसी मतभेद भुलाकर भाईचारे, सामाजिक एकता और उल्लास के साथ होली मनाएं। होलिका दहन में लकड़ी के स्थान पर गो-काष्ठ (उपलों) का अधिकाधिक उपयोग करें।

जनसंपर्क अधिकारी सुनील वर्मा ने शुक्रवार को बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देश अनुसार जनसहयोग एवं सामाजिक सहभागिता के माध्यम से प्रयास किया जाएगा कि होलिका दहन में लकड़ी की जगह गो-काष्ठ का प्रयोग हो। साथ ही, प्राकृतिक एवं हर्बल रंगों से होली खेलने, जल संरक्षण करने तथा पशु-पक्षियों पर रंग न डालने के संकल्प के साथ उत्सव मनाने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा।

जिलों में विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाले सार्वजनिक होलिका दहन कार्यक्रमों का निःशुल्क पंजीयन कराया जाए। यह पंजीयन जिला मुख्यालय, तहसील, नगरीय निकाय एवं पंचायत स्तर पर किया जाएगा। पंजीयन के दौरान आयोजक संस्था की संक्षिप्त जानकारी, पदाधिकारियों के नाम एवं संपर्क विवरण प्राप्त किए जाएंगे।

लकड़ी के स्थांन पर करें गो-काष्ठ का उपयोग

जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार कर नागरिकों को गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन के लिए प्रेरित किया जाएगा। नगरीय निकायों एवं पंचायत राज संस्थाओं को इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल किया गया है। होलिका दहन के दिन मैदानी अमला सार्वजनिक आयोजनों का निरीक्षण कर लकड़ी के स्थान पर गो-काष्ठ के उपयोग को प्रोत्साहित करेगा। जिन आयोजनों में पूर्ण रूप से गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन किया जाएगा, उनको संबंधित अधिकारी द्वारा प्रमाणित कर कलेक्टर को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। जिलों के कलेक्टर ऐसे आयोजनों का संकलन सुनिश्चित करेंगे।

प्रदेश सरकार आगामी दिनों में जिला मुख्यालयों पर जिला स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। उत्कृष्ट गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन करने वाली संस्थाओं एवं उनके पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसी संस्थाओं को अन्य प्रकार से प्रोत्साहन अथवा सहयोग दिए जाने पर भी प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य सरकार ने सभी कलेक्टर्स को “स्वच्छ और स्वस्थ होली” अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। संभागायुक्त इस संबंध में की जाने वाली कार्यवाही का पर्यवेक्षण करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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