राजगढ़ःब्यावरा की आठ बस्तियों में एक साथ हुए हिन्दू सम्मेलन, समाज से पंच परिवर्तन का आव्हान
राजगढ़,11 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को ब्यावरा नगर में एतिहासिक आयोजन हुआ। नगर की आठ प्रमुख बस्तियों में एक ही समय पर भव्य हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। सम्मेलनों में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, साधु-संतों और प्रमुख वक्ताओं ने संघ की सौ वर्षों की राष्ट्रसेवा यात्रा, संगठन पद्वति और समाज परिवर्तन के लिए पंच परिवर्तन विषय पर मार्गदर्शन दिया।
ब्यावरा नगर में पूर्ण धार्मिक वातावरण बना रहा साथ ही व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। नगर की महाराणाप्रताप बस्ती में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को भारतीय किसान संघ के प्रांत संगठन मंत्री भारत पटेल ने मुख्य वक्ता के रुप में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आएसएस की यात्रा अनुशासन, अध्ययन और सेवा आधारित रही है। संघ की कार्यपद्वति को देखकर उसके विरोधी भी उसकी सराहना करने लगे है। संघ के खिलाफ नकारात्मक वातावरण बनाने वाले तत्व आज संगठन की मजबूती और विचारधारा के सामने हार मान चुके है। उन्होंने समाज में समरसता लाने के लिए पंच परिवर्तन की आवश्यकता बताई। नगर की सुभाष बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र व्यवस्था प्रमुख सुरेश जैन मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने संघ के सौ वर्ष के इतिहास और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान पर प्रकाश डाला।
इसी क्रम में विश्वनाथ बस्ती में प्रमोद पंवार ने हिन्दुत्व और पंच परिवर्तन पर विचार रखे। वाल्मीकि बस्ती में विभाग कार्यवाह धर्मेन्द्र शर्मा ने समाज परिवर्तन में नागरिकों की भूमिका पर जोर दिया। नगर की वृन्दावन बस्ती में प्रांत सह व्यवस्था प्रमुख रामवीर कौरव ने कहा कि देश एक घर के समान है और जातियां उसके कक्ष है, जब तक देश सुरक्षित है तभी तक समाज सुरक्षित रह सकता है। बालाजी बस्ती में सेवा भारती संगठन मंत्री रामेन्द्रसिंह तथा अंजनीलाल बस्ती में मजदूर संघ के संगठन मंत्री निरंजनकुमार ने सम्मेलन को संबोधित किया। सम्मेलनों के पूर्व सभी बस्तियों से चलसमारोह एवं कलश यात्राएं निकाली गई। चलसमारोह में बस्तियों की मातृशक्ति, युवा, बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया, जो जय श्रीराम के जयकारे लगाते हुए निकले। आयोजन में बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इस मौके पर व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और बड़ी संख्या में सम्मेलनों में सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

