मप्रः 35 साल पुराने हत्या के मामले में भोपाल पुलिस की कार्रवाई पर हाई कोर्ट सख्त, पुलिस कमिश्नर को तलब

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मप्रः 35 साल पुराने हत्या के मामले में भोपाल पुलिस की कार्रवाई पर हाई कोर्ट सख्त, पुलिस कमिश्नर को तलब


जबलपुर, 30 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 35 वर्ष पुराने हत्या के मामले में आरोपी की तलाश को लेकर भोपाल पुलिस द्वारा पेश की गई कार्रवाई रिपोर्ट पर नाराजगी जताई है। इसको लेकर कोर्ट ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को 1 जुलाई 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने रिपोर्ट में एक गंभीर विरोधाभास भी पकड़ा। रिपोर्ट में थाना प्रभारी बजरिया ने उल्लेख किया कि आरोपी नवाब सेंटिंगवाला (पिता सैयद साजिद अली) अपने भाई महफूज़ (पिता मोहम्मद इकराम) के साथ रहता था। इस पर अदालत ने सवाल उठाया कि यदि दोनों सगे भाई हैं तो उनके पिता के नाम अलग-अलग कैसे हो सकते हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि रिपोर्ट बिना उचित जांच-पड़ताल के तैयार की गई है।

मामला भोपाल निवासी नवाब सेंटिंगवाला से जुड़ा है, जिसके खिलाफ करीब 35 वर्ष पहले हत्या का मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 1991 में ट्रायल के बाद 1992 में जिला अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। बाद में आरोपी को जमानत मिल गई और उसने वर्ष 1996 में हाई कोर्ट में आपराधिक अपील (क्रिमिनल अपील क्रमांक 201/1996) दायर की। इसके बाद वह फरार हो गया और करीब तीन दशक तक अदालत के समक्ष पेश नहीं हुआ।

2 अप्रैल 2026 को भोपाल पुलिस कमिश्नर ने चार सदस्यीय विशेष टीम गठित करने की जानकारी देते हुए विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने का आश्वासन दिया था। हालांकि निर्धारित समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई।

30 जून 2026 को जहांगीराबाद एसीपी बिट्टू शर्मा भातेले की ओर से कार्रवाई रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। रिपोर्ट का परीक्षण करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि इसमें आरोपी की संपत्ति, रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल ही नहीं थीं।

लगातार लापरवाही, अधूरी जांच और विरोधाभासी तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को 1 जुलाई 2026 को जबलपुर स्थित हाई कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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