हाईकोर्ट में नवनिर्मित आर्बिट्रेशन एवं मीडिएशन सेंटर,सिल्वर जुबली हाल के प्रथम तल पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का उद्घाटन

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हाईकोर्ट में नवनिर्मित आर्बिट्रेशन एवं मीडिएशन सेंटर,सिल्वर जुबली हाल के प्रथम तल पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का उद्घाटन


जबलपुर, 28 जुलाई (हि.स.)। न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा मंगलवार को उच्च न्यायालय परिसर, जबलपुर में नवनिर्मित आर्बिट्रेशन एवं मीडिएशन सेंटर,सिल्वर जुबली हाल के प्रथम तल पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा तथा गेट क्रमांक-3 के समीप स्थित लिफ्ट क्रमांक-5 का लोकार्पण किया गया।

आर्बिट्रेशन एवं मीडिएशन सेंटर में चार अत्याधुनिक आर्बिट्रेशन कक्ष एवं चार पूर्णतः सुसज्जित मीडिएशन कक्ष स्थापित किए गए हैं, जो वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इन कक्षों में आधुनिक तकनीकीय अधोसंरचना एवं आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे मध्यस्थता एवं पंचनिर्णय की कार्यवाही अधिक प्रभावी, गोपनीय एवं सुगम वातावरण में संपन्न हो सकेगी।

प्रथम तल पर स्थापित नवीन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा में तीन स्वतंत्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष स्थापित किए गए हैं, जिनमें एक ही समय पर तीन अधिवक्ता विभिन्न न्यायालयों के समक्ष वर्चुअल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। यह सुविधा अधिवक्ताओं के समय की बचत करने के साथ-साथ न्यायिक कार्यवाही को अधिक दक्ष एवं सुगम बनाएगी।

कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं एवं न्यायालय में आने वाले पक्षकारों की सुविधा के लिए निर्मित लिफ्ट क्रमांक-5 का भी लोकार्पण किया गया। यह लिफ्ट विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं अन्य न्यायालय उपयोगकर्ताओं के लिए आवागमन को अधिक सुगम बनाएगी।

लोकार्पण समारोह माननीय न्यायमूर्ति आनंद पाठक एवं माननीय न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल, न्यायाधीशगण,मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर धर्मेन्द्र सिंह, रजिस्ट्रार जनरल, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, अन्य रजिस्ट्रारगण, न्यायिक अधिकारी, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, अधिवक्तागण तथा न्यायालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना एवं तकनीक का समुचित उपयोग न्याय तक सरल, त्वरित एवं प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने का आधार है। उन्होंने कहा कि आर्बिट्रेशन एवं मीडिएशन जैसी वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणालियों को प्रोत्साहित करने तथा डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करने से न्याय वितरण प्रणाली और अधिक प्रभावी, सुलभ एवं जनोन्मुखी बनेगी।

आर्बिट्रेशन एवं मीडिएशन सेंटर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा एवं लिफ्ट क्रमांक-5 का लोकार्पण मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा न्यायिक अधोसंरचना के आधुनिकीकरण, वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण तथा अधिवक्ताओं एवं न्यायालय के अन्य हितधारकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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