ओबीसी आरक्षण विवाद: हाई कोर्ट में 27 अप्रैल से नियमित सुनवाई

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ओबीसी आरक्षण विवाद: हाई कोर्ट में 27 अप्रैल से नियमित सुनवाई


जबलपुर, 02 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किए जाने से जुड़े विवाद पर अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 27 अप्रैल से नियमित सुनवाई शुरू होगी।

गुरुवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें संजीव सचदेवा और विनय सराफ शामिल हैं, ने यह निर्देश दिए। मामलों की सुनवाई दोपहर 12:30 बजे से होगी। इसके साथ ही 87-13 प्रतिशत आरक्षण विवाद पर भी सुनवाई की जाएगी।

गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी, ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और अधिवक्ता वरुण ठाकुर उपस्थित रहे। वहीं राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के.एम. नटराज तथा अतिरिक्त महाधिवक्ता बी.डी. सिंह ने पक्ष रखा।

यह मामला वर्ष 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार द्वारा ओबीसी आरक्षण को 27 प्रतिशत करने के फैसले से जुड़ा है। अशिता दुबे सहित 11 याचिकाकर्ताओं ने इस निर्णय को चुनौती दी है। उनका कहना है कि यह प्रावधान असंवैधानिक है और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के विपरीत है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 8 जुलाई 2019 को विधानसभा में विधेयक पारित कर 17 जुलाई 2019 को इसका गजट नोटिफिकेशन जारी किया था।

ओबीसी आरक्षण से जुड़े इन मामलों को पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने पास मंगवा लिया था। 20 अगस्त 2024 के आदेश के बाद हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2024 को सभी 10 प्रकरण सुप्रीम कोर्ट को ट्रांसफर कर दिए थे। बाद में 19 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें पुनः मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को वापस भेज दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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