मध्य प्रदेश में न्यायिक अवसंरचना को मिली नई मजबूती, 40 करोड़ की परियोजनाओं का ई-लोकार्पण

WhatsApp Channel Join Now
मध्य प्रदेश में न्यायिक अवसंरचना को मिली नई मजबूती, 40 करोड़ की परियोजनाओं का ई-लोकार्पण


जबलपुर, 17 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश की न्यायिक अवसंरचना को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शुक्रवार को न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, मुख्य न्यायाधीश, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा मध्य प्रदेश में 40 करोड़ की परियोजनाओं का ई-लोकार्पण किया गया।

इस संबंध में प्राप्‍त जानकारी के अनुसार जिला न्यायालय भवन-शहडोल. सिविल न्यायालय भवन-बक्सवाहा (छतरपुर), नैनपुर (मंडला), सनावद एवं बड़वाहा (मंडलेश्वर), अजयगढ एवं पवई (पन्ना), कोलारस एवं खनियाधाना (शिवपुरी), सिरौज एवं लटेरी (विदिशा) में नव निर्मित मध्यस्थता केन्द्र तथा बालाघाट, पवई (पन्ना) एवं सारंगपुर (राजगढ़) में न्यायिक अधिकारियों के नवीन आवासीय परिसरों का ई-लोकार्पण किया गया है।

इस अवसर पर माननीय न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, प्रशासनिक न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष. म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, संबंधित जिलों के माननीय पोर्टफोलियो न्यायाधीशगण तथा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की प्रधान पीठ जबलपुर एवं खंडपीठ इंदौर एवं ग्वालियर के माननीय साथी न्यायाधीशगण की उपस्थिति रही।

इस दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि एक सशक्त न्यायिक प्रणाली के लिए विधिक विशेषज्ञता के साथ आधुनिक और सुलभ अवसंरचना भी आवश्यक है। विभिन्न जिलों में नए न्यायालय भवनों, मध्यस्थता केन्द्रों तथा आवासीय सुविधाओं का उद्घाटन, विशेष रूप से जिला एवं तहसील स्तर पर न्याय तक पहुँच को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

शहडोल और बक्सवाहा में नए न्यायालय परिसर न्यायिक कार्यप्रणाली की दक्षता को बढ़ाएंगे तथा इनमें संवेदनशील वर्गों के लिए बालमैत्री सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी। विभिन्न जिलों में स्थापित किए जा रहे मध्यस्थता केन्द्र विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देंगे और नियमित न्यायालयों पर भार कम करने में सहायक होंगे।

उन्होंने उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण, जिला न्यायपालिका के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा निर्माण कार्य में संलग्न सभी अधिकारियों को उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए बधाई दी।

न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, प्रशासनिक न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का आयोजन के दौरान कहना रहा कि न्याय तभी सार्थक है जब वह प्रत्येक नागरिक तक पहुँचे, विशेषकर दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में। विभिन्न जिलों में नए न्यायालय भवनों, मध्यस्थता केन्द्रों एवं आवासीय सुविधाओं का यह ई-लोकार्पण जमीनी स्तर पर न्याय वितरण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं से अवसंरचना एवं कार्यकुशलता में वृद्धि होगी तथा समावेशी, बाल-अनुकूल एवं समुदाय-केंद्रित न्यायिक वातावरण विकसित होगा।

इस अवसर पर धरमिंदर सिंह, रजिस्ट्रार जनरल, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, रजिस्ट्री के अधिकारीगण उमेश पाण्डव, निदेशक, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी, अकादमी के अधिकारीगण संबंधित जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं न्यायिक अधिकारीगणः सुश्री सुमन श्रीवास्तव, सदस्य सचिव, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं प्राधिकरण के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

Share this story