मप्र हाईकोर्ट के सरकार को निर्देश, सभी आरटीओ चेक पोस्ट 30 दिनों के भीतर फिर से शुरू किए जाएं

WhatsApp Channel Join Now
मप्र हाईकोर्ट के सरकार को निर्देश, सभी आरटीओ चेक पोस्ट 30 दिनों के भीतर फिर से शुरू किए जाएं


जबलपुर, 22 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने बंद पड़ी आरटीओ चेक पोस्टों को लेकर राज्य सरकार को बड़ा निर्देश दिया है।

जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने बुधवार को जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि प्रदेश में सभी आरटीओ चेक पोस्ट 30 दिनों के भीतर फिर से शुरू किए जाएं। याचिका में दलील दी गई थी कि सड़कों पर भारी वाहनों की जांच और हादसों पर नियंत्रण के लिए चेक पोस्ट आवश्यक हैं।

हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि मध्यप्रदेश की सीमाओं से लगे अन्य राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों की सख्ती से जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 30 जून 2024 के बाद 1 जुलाई 2024 से प्रदेशभर में आरटीओ चेक पोस्ट बंद कर दिए थे। इस फैसले को चुनौती देते हुए रजनीश त्रिपाठी ने वर्ष 2025 में जनहित याचिका दायर की थी।

बुधवार को अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि चेक पोस्ट पुनः स्थापित करने के लिए 30 दिन का समय दिया जा रहा है। यदि आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के बाद तय समयसीमा में इसका पालन नहीं किया गया, तो याचिकाकर्ता अवमानना याचिका दायर कर सकता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश का पालन न करना न्यायालय की अवहेलना माना जाएगा।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विभागीय अधिकारियों के जवाब को असंतोषजनक माना और कहा कि यह न्यायालय के पूर्व आदेशों और दी गई वचनबद्धता की अवहेलना के समान है। हालांकि, अदालत ने इस मामले में अधिकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश नहीं दिए।

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जुबिन प्रसाद और भानु प्रकाश ने पैरवी की, जबकि शासन की ओर से अंजली मिश्रा ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए स्पष्ट किया कि विभागीय अधिकारी ओवरलोडिंग की जांच के लिए अन्य उपाय अपनाने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन न्यायालय के समक्ष दी गई वचनबद्धताओं का पालन अनिवार्य है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

Share this story