ओबीसी आरक्षण मामला: शीघ्र आ सकता है फैसला, 16 अप्रैल से अंतिम सुनवाई
जबलपुर, 23 मार्च (हि.स.)। मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में अगले दो महीने के भीतर फैसला आ सकता है।
सोमवार 23 मार्च 2026 को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अब मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को पहले ही हाईकोर्ट को वापस भेजते हुए 90 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत अब फाइनल हियरिंग 16 अप्रैल से शुरू होगी।
कोर्ट ने सभी पक्षों को 2 अप्रैल तक अपने जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रजिस्ट्रार को यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट से ट्रांसफर हुए सभी मामलों को उसी दिन सूचीबद्ध किया जाए। इसके बाद पक्षकारों को एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अब केवल देरी के उद्देश्य से दायर याचिकाओं को स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की सुनवाई पिछले करीब 6 वर्षों से लंबित है, जिसे अब तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय 90 दिनों की अवधि के भीतर ही फैसला सुनाया जाएगा, ऐसे में अगले दो महीने में इस बहुप्रतीक्षित मामले का निर्णय आना लगभग तय माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

