जिला अधिवक्ता संघ चुनाव विवाद: हाईकोर्ट ने सबूत सुरक्षित रखने के दिए निर्देश, तीन वरिष्ठ जजों की जांच समिति गठित
जबलपुर, 27 जुलाई (हि.स.)। जिला अधिवक्ता संघ के हालिया चुनाव को लेकर धांधली और अनियमितताओं के आरोपों के बीच मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान चुनाव से जुड़े सभी अहम साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया के दौरान सभी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं, जिससे मामले की निष्पक्ष जांच में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। अब विशेष जांच समिति चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की विस्तृत पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने तदर्थ समिति को निर्देशित किया कि 20 जुलाई को हुए मतदान में उपयोग किए गए सभी मतपत्र, जिला न्यायालय परिसर के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग तथा निर्वाचन स्थल के आसपास उपलब्ध सभी वीडियो फुटेज सुरक्षित रखे जाएं, ताकि किसी भी प्रकार का साक्ष्य नष्ट न हो सके।
चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट ने तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों की एक विशेष जांच समिति का गठन भी किया है। यह समिति पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट न्यायालय को सौंपेगी। हालांकि समिति के सदस्यों के नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अभिषेक श्रीवास्तव ने स्वयं अदालत में अपना पक्ष रखा। उनके समर्थन में अधिवक्ता मंगेश ताम्हणकर, सौरभ शुक्ला, तीर्थेश भारिल्य, सुबोध पृथु त्रिपाठी, दीपांशु दुबे और देवेंद्र उड्डे भी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

