भोपाल थाने में वकील से मारपीट का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, गिरफ्तारी पर रोक

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भोपाल थाने में वकील से मारपीट का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, गिरफ्तारी पर रोक


जबलपुर, 28 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के

भोपाल के जहांगीराबाद थाने में अधिवक्ता राकेश रावल से कथित मारपीट का मामला जबलपुर हाईकोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने राकेश रावल के खिलाफ दर्ज एफआईआर में आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी।

कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि मामले में अधिवक्ता को गिरफ्तार न किया जाए। साथ ही घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए संबंधित अवधि की करीब 7 घंटे की CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।

मामला 22 सितंबर की शाम करीब 8 बजे खटलापुरा मंदिर क्षेत्र में पुलिस बैरिकेडिंग को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। अधिवक्ता राकेश रावल का आरोप है कि पुलिसकर्मी उन्हें थाने ले गए और वहां उनके साथ मारपीट की। वहीं पुलिस का आरोप है कि रावल ने शासकीय कार्य में बाधा डाली और पुलिस अधिकारियों के साथ अभद्रता की।

घटना के बाद राकेश रावल की शिकायत पर थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। वहीं आरक्षक हरि ओम वर्मा की शिकायत पर राकेश रावल के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, अभद्रता और मारपीट सहित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।

विवाद के बाद डीसीपी जोन-1 ने थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया था। बड़ी संख्या में वकीलों ने जहांगीराबाद थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। बढ़ते विरोध के बीच पुलिस अधिकारियों ने थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस एफआईआर दर्ज हुई।

राकेश रावल के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 8 बजे वे खटलापुरा मंदिर की ओर से आ रहे थे। कंट्रोल रूम तिराहे पर रास्ता बंद होने के कारण पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया और थाने चलने के लिए कहा। रावल ने वाहन में पेट्रोल नहीं होने की बात कहते हुए वैकल्पिक रास्ता पूछा।

उनका आरोप है कि इसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों से विवाद हुआ और विरोध करने पर उन्हें कीचड़ में पटककर डंडों से पीटा गया।

दूसरी ओर, तत्कालीन थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार ने आरोप लगाया था कि विवाद के दौरान अधिवक्ता ने ट्रैफिक एसीपी अजय बाजपेई के साथ बदसलूकी और अपशब्द कहे।

पुलिस का कहना था कि समझाइश के बावजूद रावल का व्यवहार जारी रहा।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी उपलब्ध है। एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने मामले की जांच कर दोनों पक्षों के आरोपों और थाने में हुई कार्रवाई की पड़ताल की बात कही थी।

हाईकोर्ट ने फिलहाल राकेश रावल की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई है। साथ ही CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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