हाईकोर्ट के आदेश पर भोपाल में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, निशातपुरा में प्राइवेट जमीन पर बने 11 मकान तोड़े

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हाईकोर्ट के आदेश पर भोपाल में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, निशातपुरा में प्राइवेट जमीन पर बने 11 मकान तोड़े


35 साल पुराने अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, चार पोकलेन और भारी पुलिस बल रहा तैनात

भोपाल, 18 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल के निशातपुरा क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद में मंगलवार को जिला प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश के पालन में बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन की टीम ने निजी जमीन पर बने 11 मकानों को चार पोकलेन मशीनों की मदद से जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी तरह के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

कार्रवाई बैरागढ़ एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव की मौजूदगी में की गई। तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी और पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की यह कार्रवाई करीब 35 साल पुराने अतिक्रमण को हटाने के लिए की गई है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, निशातपुरा में अविनाश जौहरी की करीब 0.75 एकड़ निजी जमीन पर लंबे समय से कब्जा था। इस जमीन पर धीरे-धीरे मकान बना दिए गए। बताया जा रहा है कि कुछ निर्माण तीन मंजिला तक हैं। जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए जौहरी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने मामले में भोपाल कलेक्टर, नगर निगम और पुलिस प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि जिन पक्षकारों को न्यायालय से स्थगन (स्टे) मिला हुआ है, उन्हें छोड़कर अन्य निर्माणों पर कार्रवाई की जाए। इसके बाद मंगलवार को प्रशासन ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।

पहले भी पहुंचा था प्रशासन, विरोध के कारण रुक गई थी कार्रवाई

बताया जा रहा है कि अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन पहले भी मौके पर पहुंचा था, लेकिन विरोध के चलते कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने सख्ती के साथ कार्रवाई की चेतावनी दी। मंगलवार को पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

सरकारी जमीन पर भी कब्जे का मामला

निशातपुरा के इसी क्षेत्र में करीब 0.30 एकड़ सरकारी जमीन पर भी कब्जे की बात सामने आई है। हालांकि, इस हिस्से में कुछ मामलों में हाईकोर्ट का स्थगन आदेश होने के कारण फिलहाल कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन ने स्टे वाले मामलों को छोड़कर अन्य चिन्हित निर्माणों पर कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान पुलिस-प्रशासन की कड़ी निगरानी

मौके पर चार पोकलेन मशीनों से मकानों को गिराने की कार्रवाई की गई। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेश के अनुरूप ही कार्रवाई की जा रही है और जिन मामलों में कोर्ट का स्टे है, उनमें फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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