शहडोल : रील बनाने वाले हेड कॉन्स्टेबल विवेकानंद15 दिन से ड्यूटी से गैरहाजिर पर निलंबित

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शहडोल : रील बनाने वाले हेड कॉन्स्टेबल विवेकानंद15 दिन से ड्यूटी से गैरहाजिर पर निलंबित


शहडोल, 05 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में पुलिस के सोशल मीडिया का चर्चित चेहरा और प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी को शहडोल पुलिस अधीक्षक ने शुक्रवार को निलंबित कर दिया है।

विभाग का आरोप है कि वे 19 मई से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित थे। इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन और विरोध में बहस शुरू हो गई है। विवेकानंद तिवारी सोशल मीडिया पर बड़ी पहचान रखते हैं। उनके यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम को मिलाकर करीब 1 करोड़ 79 लाख फॉलोअर्स हैं। वे सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता से जुड़े वीडियो बनाते हैं, जिन्हें देशभर में देखा जाता है।

सोशल मीडिया गतिविधियों पर उठे सवाल

पुलिस विभाग के अनुसार, जिस अवधि में विवेकानंद तिवारी ड्यूटी से अनुपस्थित थे, उस दौरान उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर लगातार नए वीडियो अपलोड होते रहे। विभाग ने इसे पुलिस रेग्युलेशन-64 के तहत सेवा नियमों का उल्लंघन मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन के बाद उन्हें रक्षित केंद्र शहडोल से संबद्ध किया गया है। बताया जा रहा है कि उनके सोशल मीडिया कंटेंट को अब तक 552 करोड़ से अधिक व्यूज मिल चुके हैं, जिससे वह प्रदेश के सबसे चर्चित पुलिसकर्मियों में गिने जाते हैं।

प्रधान आरक्षक बोले-तबीयत खराब थी, अधिकारियों को बताया था

निलंबन के बाद विवेकानंद तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। उनका कहना है कि उनकी तबीयत खराब थी और इलाज करा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि अवकाश की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि जिस समय उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो पोस्ट किए गए, उस दौरान अकाउंट का संचालन उनकी पत्नी और टीम कर रही थी, न कि वे स्वयं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक पक्ष सड़क सुरक्षा और जनजागरूकता के क्षेत्र में विवेकानंद तिवारी के योगदान को महत्वपूर्ण बता रहा है। वहीं दूसरा पक्ष मानता है कि सरकारी सेवा में कार्यरत किसी भी कर्मचारी के लिए सेवा नियमों का पालन अनिवार्य है और नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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