बाढ़ के जख्मों के बीच चित्रकूट में पांच दिवसीय दीपावली मेला शुरू, 10 नवंबर तक जुटेंगे लाखों श्रद्धालु

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बाढ़ के जख्मों के बीच चित्रकूट में पांच दिवसीय दीपावली मेला शुरू, 10 नवंबर तक जुटेंगे लाखों श्रद्धालु


सतना, 05 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना जिले की धार्मिक नगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान के बीच पांच दिवसीय दीपावली अमावस्या मेला गुरुवार से शुरू हो गया। मेला 10 नवंबर तक चलेगा। इसमें लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं की व्यापक तैयारियां की हैं।

व्यवस्थाओं का जायजा लेने गुरुवार को कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने गुप्त गोदावरी, मेला पार्किंग स्थलों और प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष साधना पटेल, सीएमओ अंकित सोनी सहित नगर पंचायत के अधिकारी मौजूद रहे।

क्षतिग्रस्त पुलों पर वैकल्पिक इंतजाम

कलेक्टर ने चौबेपुर सड़क सहित प्रमुख मार्गों का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के आवागमन और पार्किंग व्यवस्था की जानकारी ली। प्रशासन का प्रयास है कि मेले के दौरान वाहनों का दबाव धार्मिक स्थलों और परिक्रमा मार्ग तक नहीं पहुंचे तथा श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो।

बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित ढांचों के बीच मेला आयोजित करना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। हनुमानधारा मार्ग के क्षतिग्रस्त बड़े पुल पर रामसेतु की आकर्षक चित्रकारी कराई गई है। भरत घाट पर फ्लोटिंग पुल तैयार किया गया है, जबकि हनुमानधारा तक श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए पीपा पुल बनाया गया है। राघव प्रयाग घाट पर स्ट्रीट लाइट चालू कर दी गई हैं और रजौला बाईपास पर पाइपलाइन बिछाई गई है।

चित्रकूट के मुख्य प्रवेश द्वारों और चौक-चौराहों को विद्युत सज्जा से सजाया गया है। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए प्रमोद वन पावर हाउस और सती अनुसुइया क्षेत्र के ट्रांसफॉर्मरों का रखरखाव कराया जा रहा है। घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई, प्रकाश और अन्य सुविधाएं भी दुरुस्त की गई हैं।

11 जोन में विभाजित मेला क्षेत्र, 64 मजिस्ट्रेट संभालेंगे व्यवस्था

मेले में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक इंतजामों के लिए पूरे क्षेत्र को 11 जोन में विभाजित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सतीश कुमार एस ने 64 कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई है। प्रत्येक मजिस्ट्रेट की सहायता के लिए पटवारियों की भी तैनाती की गई है। पुलिस और प्रशासन का संयुक्त दल भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन, सुरक्षा और श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पर ध्यान देगा।

गुप्त गोदावरी की गुफाओं में प्रवेश प्रतिबंधित

मंदाकिनी की बाढ़ और अतिवृष्टि के बाद सुरक्षा कारणों से इस बार श्रद्धालु गुप्त गोदावरी की गुफाओं में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। हालांकि, श्रद्धालुओं की सुविधा और आस्था को देखते हुए गुफाओं के सूक्ष्म दर्शन की ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से श्रद्धालु गुफाओं में प्रवेश किए बिना दर्शन कर सकेंगे।

आठ स्थानों पर 16 मेडिकल टीमें तैनात

श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आठ स्थानों पर 16 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। इनमें कंट्रोल रूम, प्रथम मुखार बिंदु, द्वितीय मुखार बिंदु, भरत घाट, हनुमानधारा, सती अनुसुइया, गुप्त गोदावरी और अस्थायी बस स्टैंड शामिल हैं। टीमें सुबह 8 से रात 8 बजे और रात 8 से सुबह 8 बजे तक दो शिफ्टों में जीवनरक्षक दवाइयों के साथ सेवाएं देंगी।

सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों सहित करीब 50 स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। डॉ. धर्मेंद्र पांडेय को मेला स्वास्थ्य अधिकारी बनाया गया है।

अस्पतालों में पांच-पांच बिस्तर आरक्षित

सीएमएचओ के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां, कोठी और उचेहरा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिरसिंहपुर तथा जिला अस्पताल मैहर में पांच-पांच बिस्तर आरक्षित रखे गए हैं। इन अस्पतालों में 24 घंटे पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मेला क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने और नमूने लेने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीमा पटेल और नीरज विश्वकर्मा की ड्यूटी भी लगाई गई है।

बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट में इस बार मेले की सफलता श्रद्धालुओं की संख्या के साथ ही सुरक्षित आवागमन, सुचारु पार्किंग और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

Livevns.news Desk
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