झाबुआ: देर रात तक हुआ हनुमान चालीसा पाठ, जिले में हर्षोल्लास से मनाई गई हनुमान जयंती
झाबुआ, 03 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिला में चैत्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला श्री हनुमान जयंती पर्वोत्सव हर्षोल्लास पूर्वक गुरुवार को देर रात तक मनाया जाता रहा।
इस मौके पर जिला मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न नगरों और गांवों में स्थित हनुमान मंदिरों में श्री हनुमान चालीसा, सुन्दरकाण्ड पाठ सहित यज्ञ, हवन एवं संकीर्तन सहित विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर जिले के थान्दला में संत श्री मलूकदास महाराज द्वारा निर्मित श्री हनुमान अष्ट मंदिर में गुरुवार रात्रि में सामुहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया जो कि मध्य रात्रि तक चला।
मुख्य समारोह जिले के रानापुर जनपद के अंतर्गत आने वाले महाभारत कालीन हिडिंबा वन क्षेत्र के ग्राम वन स्थित हनुमान मंदिर, पेटलावद जनपद के अंतर्गत आने वाले ग्राम तारखेड़ी के विश्व मंगल हनुमान मंदिर, मेघनगर जनपद पंचायत के ग्राम पीपलखूंटा में ब्रह्मलीन महंत जमुनादासजी महाराज, दाड़की वाले बाबा द्वारा सेवित प्राचीन श्री हनुमंत निवास आश्रम, जिला मुख्यालय के हूड़ा पर स्थित श्री हनुमान मंदिर थांदला में भक्त मलुकदासजी महाराज द्वारा स्थापित श्री हनुमान अष्ट मंदिर मलुकदासजी की बावड़ी और पिपलौदा जनपद के अंतर्गत आने वाले ग्राम सुखेड़ा के श्री योगहटी हनुमान मंदिर पर आयोजित हुए जहां बड़ी संख्या में पहुंचकर धर्म प्रेमी लोगों ने हनुमत आराधन करते हुए सुंदरकांड पाठ सहित सामुहिक हनुमान चालीसा पाठ में हिस्सा लिया। इन स्थानों पर प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला अनुष्ठान का क्रम इस वर्ष भी पूरे विधि-विधान से हुआ, साथ ही भंडारे भी आयोजित किए गए। जिले के थांदला स्थित श्री अष्ट हनुमान अष्ट मंदिर पर हनुमान चालीसा का सामुहिक पाठ देर रात तक चलता रहा। इस अवसर पर जिले के नगर गांव हनुमानजी महाराज की आराधना में डूबे रहे। और आधी रात तक भगवान् श्री राम और हनुमानजी महाराज का नाम गाया जाता रहा। इस मौके पर मंदिरों में जहां श्री रामचरितमानस के सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का सस्वर सामुहिक पाठ किया गया, वहीं कुछ स्थानों पर यज्ञ एवं हवन भी किया गया।
हनुमान जयंती पर्व पर रतलाम जिले के पिपलौदा जनपद क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम सुखेड़ा के समीप वन क्षैत्र में स्थित सुप्रसिद्ध प्राचीन श्री योगहटी हनुमान मंदिर धाम पर भी इस अवसर पर विविध आयोजन सम्पन्न हुए। मंदिर में प्रातः काल से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था, जो शाम तक जारी रहा। इस अवसर पर यहां प्रातः कालीन वेला में जय जय सियाराम के दिव्यतम उद्घोष के साथ भगवान् श्री हनुमानजी महाराज की विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना का क्रम शुरू हो गया था। चोला चढ़ाकर श्री हनुमानजी महाराज का आकर्षक श्रृंगार किया गया, इस दरमियान सामुहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा सहित संकीर्तन गायन किया जाता रहा, तत्पश्चात विद्वान ब्राह्मणों द्वारा हवन किया गया, और फिर महाआरती महाप्रसादी का आयोजन सम्पन्न हुआ। मंदिर में देर रात तक विभिन्न आयोजन हुए।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा

