ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा: जीतू पटवारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, पूछा- साइकिल पर प्रतिबंध था तो ट्रक कैसे पहुंचा?
ग्वालियर, 21 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार काे ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल भी जाना और उनके उपचार की जानकारी ली। इस दौरान जीतू पटवारी ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, घायलों को समय पर इलाज मिलने और हादसे की जवाबदेही को लेकर प्रदेश सरकार एवं प्रशासन से सवाल किए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने कहा कि जिस स्थान पर साइकिल ले जाने तक पर प्रतिबंध होने की बात कही जा रही है, वहां ट्रक कैसे पहुंचा? जब मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, तो उनकी सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? उन्होंने घटना की परिस्थितियों की जांच कर सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि हादसे में कई लोगों की जान जाने से परिवारों को अपूरणीय क्षति हुई है। ऐसे में केवल संवेदना व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है। सरकार और प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि घटना के कारणों की जांच के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी।
घायलों के इलाज में देरी का मुद्दा उठाया
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि हादसे में घायल कुछ लोगों को इलाज के लिए चार-चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलना जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा करने की मांग की।
जांच और जवाबदेही तय करने की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हादसे से प्रभावित परिवारों को उचित सहायता मिलनी चाहिए और घटना की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। पटवारी ने कफ सिरप से बच्चों की मौत, जहरीली शराब की घटनाओं और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन घटनाओं को लेकर प्रदेश में नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संकट के समय उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। पटवारी ने मांग की कि शीतला माता मंदिर हादसे में जांच की स्थिति, घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली सहायता के संबंध में सरकार स्पष्ट जानकारी दे, ताकि घटना के कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

