ग्वालियर: भड़ली नवमी पर बनेंगे सात शुभ योग, बिना मुहूर्त कर सकते हैं विवाह

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ग्वालियर, 07 जुलाई (हि.स.)। भड़ली नवमी आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 15 जुलाई सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन सात शुभ योग भी बन रहे हैं। इस दिन बिना मुहुर्त देखे विवाह कार्य संपन्न कराए जा सकते हैं। इसी दिन आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि भी है।

ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी ने रविवार को बताया कि सनातन धर्म में भड़ली नवमी का विशेष महत्व है। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। आसान शब्दों में कहें तो भड़ली नवमी पर बिना किसी ज्योतिषीय सलाह के सभी प्रकार के शुभ कार्य कर सकते हैं। भड़ली नवमी को शादियों के लिए सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है। कई जोड़े इस दिन को अपने विवाह के लिए चुनते हैं, उनका मानना है कि यह सौभाग्य और दिव्य आशीर्वाद लाता है।

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि भड़रिया नवमी को विभिन्न बोली, भाषा एवं क्षेत्र के अनुसार भड़रिया नौमी, भड़ल्या नवमी, भड़ली नवमी, भादरिया नवमी, भदरिया नवमी, कन्दर्प नवमी एवं बदरिया नवमी नामो से भी जाना जाता है। भड़ली नवमी पर सिद्ध योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का निर्माण सुबह 07 बजे तक है। इसके बाद साध्य योग का संयोग बन रहा है। साध्य योग 16 जुलाई को सुबह 07 बजकर 19 मिनट तक है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी पर रवि योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का निर्माण दिन भर है। भड़ली नवमी पर अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक है। इस दिन बालव, कौलव और तैतिल योग का भी निर्माण हो रहा है।

भड़ली नवमी पर शुभ मुहूर्त: शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 14 जुलाई को संध्याकाल 05 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, समापन 15 जुलाई को शाम 07 बजकर 19 मिनट पर होगा। इस समय में शिव परिवार की पूजा कर शुभ कार्य कर सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/शरद/मुकेश

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