ग्वालियरः जल गंगा संवर्धन अभियान में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी, लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

WhatsApp Channel Join Now
ग्वालियरः जल गंगा संवर्धन अभियान में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी, लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश


- कलेक्टर ने की शासन के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की समीक्षा

ग्वालियर, 11 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोमवार को कलेक्टर रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में अधिकारियों को आगाह करते हुए निर्देश दिए कि जल गंगा संवर्धन अभियान को सभी विभागीय अधिकारी गंभीरता से लें। निर्माणाधीन जल संरचनाओं को जल्द से जल्द पूर्ण कराएं, जिससे इन संरचनाओं का उपयोग इस साल की बारिश के पानी को सहेजने में हो सके। इसमें जो अधिकारी ढ़िलाई बरतेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन अभियान में जिन विभागों की प्रगति ठीक नहीं है, उन विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिये कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। इनमें जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी वाटरशेड, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास व अपर आयुक्त नगर निगम शामिल हैं। बैठक में बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के प्रति लगातार उदासीनता सामने आने पर जिला पंचायत की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना शाखा के उपयंत्री पंकज पाठक की सेवायें समाप्त कर दी गई हैं।

कलेक्ट्रेट में सोमवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अमल, बाढ़ प्रबंधन कार्ययोजना, सीएम हैल्पलाइन, समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन, किसान कल्याण वर्ष के तहत जिले में चल रहीं गतिविधियां, फार्मर आईडी एवं सांदीपनि स्कूलों से संबंधित समस्याओं के समाधान सहित सरकार की अन्य प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत व एडीएम सीबी प्रसाद सहित जिले के एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

जल भराव वाले क्षेत्रों के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार करें

आगामी मानसून और वर्षा ऋतु के दौरान संभावित बाढ़ एवं जल भराव की स्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पहले से ही पुख्ता तैयारी की जा रही है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बैठक में बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही जिले के सभी संभावित जल भराव वाले क्षेत्रों के लिये पुख्ता कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले जल भराव वाले इलाकों में विगत वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखकर उन बस्तियों और गांवों की सूची अपडेट करें, जहाँ पानी भरने की संभावना अधिक रहती है। साथ ही एहतियात बतौर राहत व बचाव की कार्ययोजना बनाएं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला एवं तहसील स्तर पर 15 जून से बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए जाएं, जो 24 घंटे कार्य करें। ग्वालियर नगर निगम सहित जिले के सभी नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में नालों व ड्रेनेज सिस्टम की साफ-सफाई और जल निकासी के अवरोधों को अभियान बतौर हटवाने के निर्देश भी उन्होंने दिए।

कलेक्टर ने कहा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को ठहराने के लिए सुरक्षित भवनों, स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों का चयन कर वहाँ बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही होमगार्ड और आपदा प्रबंधन टीम को नाव, लाइफ जैकेट और अन्य रेस्क्यू उपकरणों के साथ तैयार रखें। कलेक्टर ने राहत व बचाव कार्य के लिये जरूरी सामग्री व उपकरणों एवं स्थानीय गोताखोरों की सूची तैयार कर लें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिले की ऐसी पुल-पुलियां जिनमें बरसात के दौरान पानी ओवर फ्लो होता है उन पर ड्रॉप गेट और इस आशय के सूचना पट लगवाएं कि पुल पर पानी होने पर न निकलें।

कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां, ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीन की गोलियों की उपलब्धता रखने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि आपातकालीन स्थिति के लिए खाद्यान्न का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित रखें। आपात स्थिति में संबंधित क्षेत्रों में तत्काल अलर्ट व सूचना पहुँचाने के लिये मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने पर भी उन्होंने बल दिया।

समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचने आ रहे किसानों को कोई दिक्कत न हो

कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि आगामी दिनों के लिये बड़ी संख्या में किसानों द्वारा स्लॉट बुक कराए गए हैं। इसलिये खरीदी केन्द्रों पर बड़ी संख्या में किसान ट्रॉली में अपनी उपज लेकर पहुँचेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर उपार्जन केन्द्र पर ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे किसानों से जल्द से जल्द खरीदी हो जाए। खरीदी के लिये टोकन व्यवस्था भी बनाएं। साथ ही हर केन्द्र पर किसानों के लिये पर्याप्त छाया, शीतल पेयजल, ओआरएस व शरबत इत्यादि की व्यवस्था भी रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Share this story