ग्वालियरः कलेक्टर ने किया जनगणना कार्य का निरीक्षण, अपनी मौजूदगी में कराई ऑनलाइन गणना

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ग्वालियरः कलेक्टर ने किया जनगणना कार्य का निरीक्षण, अपनी मौजूदगी में कराई ऑनलाइन गणना


- प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर 34 बिंदुओं में भरी जा रही है ऑनलाइन जानकारी

ग्वालियर, 05 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में भी जनगणना कार्य निदेशालय द्वारा निर्धारित जनगणना कार्यक्रम के तहत जनगणना का प्रथम चरण जारी है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी रुचिका चौहान ने मंगलवार को शहर में चल रहे जनगणना कार्य का औचक निरीक्षण किया।

उन्होंने न्यू दर्पण कॉलोनी क्षेत्र में प्रगणकों द्वारा की जा रही जनगणना की वस्तुस्थिति जानी। साथ ही प्रगणक श्रीमती नीलम राजपूत के साथ मकान नं. एमआईजी-1362 न्यू दर्पण कॉलोनी पहुँचकर दिनेश कुमार शर्मा के घर की ऑनलाइन गणना कराई। इस अवसर पर एसडीएम अतुल सिंह भी उनके साथ थे।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने न्यू दर्पण कॉलोनी क्षेत्र की प्रगणक नीलम राजपूत व बृजेश द्वारा जनगणना के लिये बनाए गए नजरी-नक्शा देखे। साथ ही इस नक्शे के आधार पर अब तक की गई मकानों की गणना की जानकारी ली। प्रगणक नीलम राजपूत द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप जनगणना के कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने अपने क्षेत्र के 118 मकानों में से 19 की गणना पूर्ण कर ली है। इसी तरह प्रकणक बृजेश द्वारा भी अपने क्षेत्र के 16 मकानों की गणना की जा चुकी है।

कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान प्रगणकों से कहा कि एचएलबीसी पोर्टल पर किसी भी प्रकार की ओवरलेपिंग नहीं होना चाहिए। लोगों से पूछकर और उनकी सहमति से सभी प्रविष्टियां पूर्ण एवं सटीक भरी जाएं। एचएलबीसी पोर्टल पर दर्शायी गई सीमाओं में विसंगति होने पर वास्तविक भौगोलिक सीमाओं के आधार पर एचएलबी (हाउसलिस्टिंग ब्लॉक) का निर्धारण किया जाए। उन्होंने कहा कि पूरी गंभीरता व मुस्तैदी के साथ इस संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करें। साथ ही गर्मी के मौसम को ध्यान में रखकर गमछा, पानी व ओआरएस इत्यादि साथ में लेकर चलें।

ज्ञात हो कि प्रगणक घर-घर जाकर मोबाइल एप “Census 2027-HLO” का उपयोग कर डिजिटल रूप से जनगणना की जानकारी भर रहे हैं। गत 01 मई से शुरू हुआ जनगणना का प्रथम चरण 30 मई तक चलेगा। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य किया जा रहा है। प्रगणकों द्वारा घर-घर पहुँचकर मोबाइल एप पर निर्धारित प्रपत्र में जनगणना संबंधी 34 बिंदुओं में जानकारी भरी जा रही है। साथ ही लोगों द्वारा पोर्टल पर स्व-गणना के तहत भरी गई जानकारी का सत्यापन भी प्रगणकों द्वारा किया जा रहा है। दोनों तरह से प्राप्त डाटा की बहुस्तरीय जाँच होगी। पहले यह कार्य पर्यवेक्षकों द्वारा किया जायेगा। साथ ही चार्ज अधिकारी भी मैदान में जाकर पुन: सत्यापन कर त्रुटियां ठीक कराएंगे।

जनगणना के प्रथम चरण में भरी जा रही है यह जानकारी

जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का काम किया जायेगा। जिसमें 34 बिंदुओं में जानकारी संकलित होगी। इसमें भवन व मकान नम्बर सहित मकान की स्थिति, परिवार क्रमांक, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, मकान किराए का है अथवा स्वयं का, कमरों की संख्या, परिवार के विवाहित दम्पत्तियों की संख्या, पेयजल के मुख्य स्त्रोत, पेयजल स्त्रोतों की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्त्रोत, शौचालय की सुगमता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था, परिसर के अंदर स्नान की सुविधा, रसोई घर व एलपीजी-पीएनजी कनेक्शन, खाना पकाने के लिये प्रयुक्त मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर व टेलीविजन की उपलब्धता, इंटरनेट सुविधा, लेपटॉप/कम्प्यूटर की उपलब्धता, टेलीफोन, मोबाइल फोन व स्मार्ट फोन इत्यादि की उपलब्धता, साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड, कार, जीप व वैन, परिवार द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले अनाज, मसलन चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का व अन्य खाद्यान्न एवं मोबाइल फोन इत्यादि जानकारी शामिल है।

बेझिझक दें सही-सही जानकारी, पूरी तरह रहेगी गोपनीय

कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिलेवासियों से भी अपील की कि जनगणना के लिये आने वाले प्रगणकों को बेझिझक सही-सही जानकारी दें। आपके द्वारा दी गई जानकारी पूर्णत: गोपनीय रहेगी। साथ ही ऐसा स्पष्ट प्रावधान है कि आपके द्वारा दी गई जानकारी का उपयोग साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं होगा। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना के आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण तथा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन कार्य के लिये आधार बनते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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