ग्वालियर में दाे दिन से लापता एसएएफ जवान का शव मिलने से सनसनी, शरीर पर चोट और घसीटने के निशान

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ग्वालियर में दाे दिन से लापता एसएएफ जवान का शव मिलने से सनसनी, शरीर पर चोट और घसीटने के निशान


सरकारी डाक लेकर पोरसा जाने निकला था आरक्षक, दो दिन बाद सुनसान इलाके में मिला शव

ग्वालियर, 04 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में दो दिन से लापता विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के एक जवान का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई। शिवपुरी लिंक रोड स्थित नवीन लोहा मंडी के पास गुरुवार सुबह एसएएफ आरक्षक का शव बरामद हुआ। शव पर गंभीर चोटों और घसीटे जाने जैसे निशान मिलने के बाद पुलिस हत्या और सड़क हादसे दोनों एंगल से जांच कर रही है।

सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

मूल रूप से मुरैना जिले के अंबाह-पोरसा क्षेत्र के रहने वाले एसएएफ आरक्षक अंकित तोमर (36) वर्तमान में ग्वालियर के सिकंदर कंपू इलाके में निवास कर रहे थे। परिजनों के अनुसार दो दिन पहले उन्हें विभागीय डाक एवं कुछ सरकारी दस्तावेज लेकर अपने गृहक्षेत्र पोरसा जाना था। उनके भांजे अवध सिंह ने उन्हें बस स्टैंड तक छोड़ा था और बस में बैठाकर रवाना किया था। इसके बाद से अंकित का मोबाइल फोन बंद हो गया। परिजनों ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। जब वे अपने गांव भी नहीं पहुंचे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू कर दी।

सुनसान इलाके में मिला शव

गुरुवार सुबह नवीन लोहा मंडी के समीप राहगीरों ने सुनसान स्थान पर वर्दीधारी पुलिसकर्मी का शव पड़ा देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान एसएएफ आरक्षक अंकित तोमर के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर काफी मात्रा में खून फैला हुआ मिला है। मृतक के बाएं पैर का टखना बुरी तरह क्षतिग्रस्त था और शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में घसीटे जाने जैसे संकेत भी मिले हैं, जिससे मामला और अधिक संदिग्ध हो गया है।

हत्या या हादसा? कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

क्राइम सीन की परिस्थितियों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि अंकित किसी हिंसक वारदात का शिकार हुए हैं या फिर किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से उनकी मौत हुई। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जबकि मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी जांच के दायरे में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अत्यधिक रक्तस्राव प्रथम दृष्टया मौत का कारण प्रतीत हो रहा है, लेकिन वास्तविक स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हत्या, सड़क दुर्घटना और अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही मौत के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी।

पिता की मौत के बाद मिली थी अनुकंपा नियुक्ति

अंकित तोमर के पिता रामलखन सिंह तोमर भी पुलिस विभाग में कार्यरत थे। वर्ष 2016 में उनके निधन के बाद वर्ष 2018 में अंकित को अनुकंपा नियुक्ति के तहत मध्य प्रदेश पुलिस में नौकरी मिली थी। पिछले आठ वर्षों से वे विभाग में सेवाएं दे रहे थे और वर्तमान में डीआरपी पुलिस लाइन में पदस्थ थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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