सरकारी स्कूलों के मुद्दे पर जीतू पटवारी का सरकार पर हमला, बोले- मर्जर के नाम पर स्कूल बंद होने से पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका
भोपाल, 03 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद और मर्ज किए जाने से शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है और इसका सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर, दलित, आदिवासी और वंचित वर्ग के बच्चों पर पड़ सकता है।
जीतू पटवारी ने गुरुवार काे बयान जारी कर दावा किया कि वर्ष 2025-26 में देशभर में 4,791 सरकारी स्कूल बंद या अन्य स्कूलों में मर्ज किए गए, जिनमें 2,426 स्कूल मध्य प्रदेश के हैं। उनके अनुसार, यह संख्या देशभर में बंद या मर्ज किए गए स्कूलों की कुल संख्या का आधे से अधिक है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के शिक्षा बजट में करीब 9 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों के बंद या मर्ज होने को लेकर सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार कम छात्र संख्या को स्कूलों के मर्जर या बंद करने का आधार बताती है। लेकिन कांग्रेस का सवाल है कि यदि सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, बेहतर अधोसंरचना और सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी तो अभिभावकों का निजी स्कूलों की ओर रुख करना स्वाभाविक है।
पटवारी ने कहा कि सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के बजाय उन्हें बंद या मर्ज किए जाने से ग्रामीण और कमजोर आर्थिक वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सरकार से बंद और मर्ज किए गए स्कूलों की समीक्षा करने, जरूरत के अनुसार नए स्कूल खोलने तथा शिक्षकों की पर्याप्त भर्ती करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सरकारी स्कूलों को बंद करना नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और सुविधाओं में सुधार करना होना चाहिए, ताकि अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित हों।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

