मप्र में 43 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी, खाद्य मंत्री बोले- धान खरीदी में किसानों के भरोसे पर खरी उतरी सरकार
भोपाल, 07 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभाेक्ता मंत्री गाेविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि किसानों की आय सुरक्षा और कृषि को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था नए कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है। मौजूदा खरीफ विपणन वर्ष में अब तक प्रदेश के 6 लाख 56 हजार 875 किसानों से 43 लाख 17 हजार 504 मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है। यह उपलब्धि न केवल किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती का स्पष्ट संकेत भी है।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बुधवार काे जानकारी देते हुए बताया कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,369 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक किसानों को 6,791 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है, जो सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है। समयबद्ध और पारदर्शी भुगतान प्रणाली से किसानों में सरकार के प्रति विश्वास और संतोष बढ़ा है।
मंत्री राजपूत ने कहा कि धान विक्रय की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए स्लॉट बुकिंग व्यवस्था लागू की गई है। किसान 13 जनवरी तक स्लॉट बुक करा सकते हैं, जबकि प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया 20 जनवरी तक जारी रहेगी। खाद्य मंत्री राजपूत ने किसानों से आग्रह किया कि किसी भी असुविधा से बचने के लिए निर्धारित समय-सीमा में स्लॉट बुकिंग अवश्य कराएं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान विक्रय के लिए प्रदेशभर में 8 लाख 59 हजार 916 किसानों ने पंजीयन कराया है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न जिलों में 1,436 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ धान खरीदी की जा रही है। इन केंद्रों पर गुणवत्ता परीक्षण, तौल, भुगतान और परिवहन की समुचित व्यवस्था की गई है।
खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि खरीदी गई धान के शीघ्र भंडारण को सुनिश्चित करने के लिए परिवहन व्यवस्था भी तेजी से की जा रही है। अब तक कुल खरीदी गई धान का 75 प्रतिशत से अधिक, यानी 32 लाख 18 हजार 480 मीट्रिक टन धान का परिवहन किया जा चुका है। इससे भंडारण दबाव कम हुआ है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए आवश्यक भंडार समय पर उपलब्ध हो रहा है।
राज्य सरकार की यह व्यापक और संगठित धान खरीदी व्यवस्था किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन को प्रोत्साहन देने और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसान हित सर्वोपरि हैं और उन्हें उनकी उपज का पूरा और समय पर मूल्य दिलाना उसकी प्राथमिकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

