झाबुआ: पुलिस एवं वन विभागीय अमले पर भड़के कलेक्टर, कहा गौहत्या जैसी गंभीर घटनाओं में लापरवाही स्वीकार नहीं

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झाबुआ: पुलिस एवं वन विभागीय अमले पर भड़के कलेक्टर, कहा गौहत्या जैसी गंभीर घटनाओं में लापरवाही स्वीकार नहीं


झाबुआ: पुलिस एवं वन विभागीय अमले पर भड़के कलेक्टर, कहा गौहत्या जैसी गंभीर घटनाओं में लापरवाही स्वीकार नहीं


झाबुआ: पुलिस एवं वन विभागीय अमले पर भड़के कलेक्टर, कहा गौहत्या जैसी गंभीर घटनाओं में लापरवाही स्वीकार नहीं


झाबुआ, 09 अक्टूबर (हि.स.)। गौहत्या जैसी गंभीर घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

यह बात मध्य प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिला कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कही। वे शुक्रवार को जिले के मेघनगर अनुविभाग अन्तर्गत आने वाले गुजरपाड़ा रोड स्थित नर्सरी क्षेत्र में घटित हुई गौहत्या की ताज़ा घटना के बाद स्थल निरीक्षण करने हेतु वहां पहुंचे थे। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मेघनगर अवनधती प्रधान, एसडीओपी झाबुआ कमलेश शर्मा, एसडीओपी थान्दला,राजेश सुलिया सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी भी मौजूद थे।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने गौहत्या के उक्त मामले को लेकर पुलिस एवं वन विभागीय अमले की निष्क्रियता पर प्रहार करते हुए घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की, और निर्देश दिए कि गौहत्या जैसी गंभीर घटना में संलिप्त प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उसके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कलेक्टर ने आसपास के गांवों में सूचना तंत्र को तत्काल प्रभाव से मजबूत करने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन, पुलिस, वन विभाग, पशु चिकित्सा विभाग एवं स्थानीय नागरिकों का संयुक्त निगरानी दल गठित कर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही घटना के संबंध में संबंधित बीट गार्ड की जवाबदेही निर्धारित कर उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि घटना में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई के साथ ही क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने, असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने तथा किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने के प्रयासों पर तत्काल कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा

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