जादू-टोना कर सोने के बिस्किट दिलाने का झांसा, लाखों की ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

WhatsApp Channel Join Now
जादू-टोना कर सोने के बिस्किट दिलाने का झांसा, लाखों की ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार


मंदसौर, 15 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर के थाना कोतवाली पुलिस ने जादू-टोना के जरिए सोने के बिस्किट दिलाने का लालच देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर नकली पीतल के बिस्किट भी बरामद किए हैं।

थाना प्रभारी पुष्पेन्द्र सिंह राठौर ने बताया कि 14 मई को एक महिला ने थाना कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि वह सिलाई-कढ़ाई का काम करती है और पिछले चार-पांच वर्षों से भूरू खां पिता नन्हे खां के संपर्क में थी।

शिकायत के अनुसार आरोपी ने जून 2025 में महिला को यह कहकर झांसे में लिया कि वह जादू-टोना कर उसके कच्चे मकान से सोने के बिस्किट निकाल सकता है, जिससे उसे लाखों रुपये का फायदा होगा। आरोपी की बातों में आकर महिला ने 14 जून 2025 से 21 नवंबर 2025 के बीच नगद और ऑनलाइन माध्यम से किश्तों में कुल 13 लाख 80 हजार 790 रुपये आरोपी को दे दिए।

महिला के अनुसार नवंबर 2025 में आरोपी उसके घर पहुंचा और परिवार की अनुपस्थिति में करीब आधे घंटे तक जादू-टोना करने का नाटक किया। इसके बाद उसने 10 कथित सोने के बिस्किट महिला को देते हुए कहा कि इन्हें फिलहाल बाजार में नहीं बेचना, अन्यथा पुलिस पकड़ लेगी। आरोपी ने यह भी कहा कि बाद में वह अपने परिचित सुनार के माध्यम से इन्हें बिकवा देगा।

कुछ दिनों बाद महिला को संदेह हुआ तो उसने बिस्किट एक सराफा व्यापारी को दिखाए। जांच में वे सोने के बजाय पीतल के निकले। इसके बाद महिला ने आरोपी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। प्रारंभ में आरोपी ने खुद को चित्तौड़गढ़ का निवासी बताया था, जबकि जांच में वह सीतामऊ, मंदसौर का रहने वाला निकला।

महिला की शिकायत पर थाना कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 320/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने 15 मई को आरोपी को गिरफ्तार कर प्रारंभिक पूछताछ की। आरोपी की निशानदेही पर तीन अन्य नकली पीतल के बिस्किट भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी की है या नहीं तथा ठगी की राशि का उपयोग कहां किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

Share this story