मप्र भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पारस जैन का निधन, राजनीतिक जगत में शोक

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मप्र भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पारस जैन का निधन, राजनीतिक जगत में शोक


-77 वर्ष की आयु में इंदौर के निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस, दोपहर 3 बजे उज्जैन स्थित निवास से निकलेगी अंतिम यात्रा

भोपाल/उज्जैन, 03 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ चेहरों में शामिल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पारस जैन का सोमवार सुबह 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और इंदौर के ज्यूपिटर अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही भाजपा संगठन, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। दोपहर तीन बजे उज्जैन स्थित उनके निवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से राजनीति में आए पारस जैन भाजपा के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने चार दशक से अधिक समय तक सक्रिय राजनीतिक जीवन जिया और उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व किया। सरल स्वभाव, सहज उपलब्धता और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के कारण वे क्षेत्र में लोकप्रिय जननेता के रूप में पहचाने जाते थे।

कई बार विधायक रहे, सरकार में निभाई अहम जिम्मेदारियां

पारस जैन कई बार उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। मध्यप्रदेश सरकार में उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2005 से 2013 के बीच वे राज्य मंत्री के रूप में वन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभागों से जुड़े रहे। दिसंबर 2013 में उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वर्ष 2016 में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान उन्हें ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई। मंत्री रहते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, ऊर्जा क्षेत्र और जनहित से जुड़े अनेक निर्णयों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2023 में नहीं मिला था टिकट, फिर भी संगठन में रहे सक्रिय

विधानसभा चुनाव 2023 में भारतीय जनता पार्टी ने उज्जैन उत्तर सीट से पारस जैन को टिकट नहीं दिया और उनके स्थान पर अनिल जैन कालूहेड़ा को प्रत्याशी बनाया। इसके बावजूद पारस जैन ने संगठन से दूरी नहीं बनाई। वे लगातार पार्टी की बैठकों, संगठनात्मक कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों में सक्रिय रहे तथा कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते रहे।

संघ और भाजपा संगठन के समर्पित कार्यकर्ता

पारस जैन का राजनीतिक जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्कारों से शुरू हुआ। संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से उन्होंने भाजपा में अपनी मजबूत पहचान बनाई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उन्हें एक अनुशासित, सौम्य और संगठन के प्रति समर्पित नेता के रूप में सम्मान प्राप्त था। उज्जैन सहित मालवा अंचल की राजनीति में उनका विशेष प्रभाव माना जाता था। उनके निधन की सूचना मिलते ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का उनके निवास पर पहुंचना शुरू हो गया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी उनके निधन को प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने शोक संदेश साझा कर उनके सार्वजनिक जीवन और जनसेवा को याद किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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