अनूपपुर: झमाझम बारिश में कोतमा के कई वार्ड पानी -पानी, जाम नालियों के कारण सड़क पर उफान भरा पानी

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अनूपपुर: झमाझम बारिश में कोतमा के कई वार्ड पानी -पानी, जाम नालियों के कारण सड़क पर उफान भरा पानी


अनूपपुर: झमाझम बारिश में कोतमा के कई वार्ड पानी -पानी, जाम नालियों के कारण सड़क पर उफान भरा पानी


अनूपपुर, 21 सितंबर (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब और लौटते मानूसन में सोमवार को मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अधिकांश हिस्से झमाझम बारिश से तरबतर हो गया। दोपहर से शाम तक हल्की तेज हवाओं में भालूमाड़ा, कोतमा, बिजुरी सहित अमरकंटक क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। इन क्षेत्रों में कोतमा सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र नजर आया। दोपहर से शाम 5 बजे तक तेज और रुक रुक कर हुई बारिश से नगर के कई वार्ड जलमग्न हो गए। यही नहीं तेज बारिश के कारण नगर में अंधेरा भी पसर गया है।

बताया जाता है कि विद्युत सब स्टेशन कोतमा के चार्जर रूम में तकनीकी खराबी आ गई, वहीं कई स्थानों के इंसुलेटर में धमाका हो जाने के कारण कोतमा नगर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में भी अंधेरा पसर गया है। वहीं नालियों की सफाई नहीं होने और जाम के कारण वार्ड क्रमांक 5, 6, 7 किसी तालाब की शक्ल में नजर आया। नालियों से बहने वाला पानी निकासी नहीं होने कारण उफान भरते हुए सड़क पर भर आया। घुटने से अधिक मोटा पानी के भरने से नगरवासियों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। कोतमा सीएमओ ने सूचना पर नालियों की सफाई के लिए कर्मचारियों को भेजा, लेकिन अधिक जल भराव के कारण उन्हें भी सफाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

अधीक्षक भू अभिलेख कार्यालय अनूपपुर प्रदीप मोगरे ने बताया कि वर्तमान में अनूपपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का मुख्य कारण लौटते हुए मानसून का सक्रिय होना है। मौसम विभाग के अनुसार इस समय मानसून की विदाई का दौर चल रहा है, जिसके प्रभाव में शहडोल संभाग जिसमें अनूपपुर भी शामिल है और अन्य क्षेत्रों में नमी बनी हुई है और स्थानीय स्तर पर बादल छाने और गरज-चमक की स्थिति बन रही है।

अधिकारी के अनुसार अनूपपुर जिले में पिछले 24 घंटे में 11.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, इनमें कोतमा 4.0 मिमी, बिजुरी 36.4 मिमी, जैतहरी 16.0 मिमी, वेंकटनगर में 22.7 मिमी, अमरकंटक में 16.02 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि जिले में 1 जून से अब तक 1047.3 मिमी सामान्य औसत वर्षा हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 36.4 मिमी वर्षा अधिक है। पिछले वर्ष इस अवधि तक कुल सामान्य औसत वर्षा 1010.9 मिमी वर्षा हुई थी। वहीं जिले में सामान्य मानक औसत वर्षा 1092.8 मिमी वर्षा हो जाना चाहिए था। वर्षा को देखते हुए कृषि विभाग ने इसे खरीफ की तैयार हो रही धान की फसल सहित अन्य के लिए फायदेमंद बताया है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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