अनूपपुर: अनूपपुर-शहडोल के ग्रामीण क्षेत्रों में पांच हाथियों का आतंक, दहशत में ग्रामीण

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अनूपपुर: अनूपपुर-शहडोल के ग्रामीण क्षेत्रों में पांच हाथियों का आतंक, दहशत में ग्रामीण


अनूपपुर, 15 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर एवं शहडोल जिले के ग्रामीण अंचलों में पिछले चार माह से पांच हाथियों का आतंक लगातार जारी है। हाथियों की वजह से ग्रामीणों का जीवन भय और असुरक्षा के बीच गुजर रहा है। ग्रामीण रातभर जागकर अपने परिवार और संपत्ति की सुरक्षा करने को मजबूर हैं।

इनमें एक आक्रामक हाथी अब तक चार ग्रामीणों और आठ मवेशियों की जान ले चुका है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हाथियों के लगातार बढ़ते आतंक को देखते हुए मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के प्रदेशाध्यक्ष रामलाल रौतेल ने शुक्रवार सुबह अनूपपुर जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित खांड़ा गांव का दौरा किया। उन्होंने हाथी प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लिया।

छत्तीसगढ़ के कटघोरा वन मंडल से अलग होकर एक दंतैल हाथी मरवाही क्षेत्र होते हुए मध्यप्रदेश के अनूपपुर एवं शहडोल जिले में लगातार विचरण कर रहा है। इस हाथी ने मरवाही वन परिक्षेत्र में एक व्यक्ति, अनूपपुर जिले के भोलूगढ़ एवं पिपरिया क्षेत्र में एक महिला और एक युवती, तथा शहडोल जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र के गिरवा गांव में एक वृद्ध की जान ले ली। इसके अलावा हाथी द्वारा अब तक आठ पालतू मवेशियों को भी मार डाला गया है। दो बालकों एवं एक युवक पर हमले में वे गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

वहीं तीन हाथियों का एक समूह जैतहरी वन परिक्षेत्र के धनगवां बीट क्षेत्र में डेरा जमाए हुए है। यह समूह ग्राम पंचायत पड़रिया, क्योटार एवं कुकुरगोड़ा के मध्य स्थित जंगलों में कई दिनों से विचरण कर रहा है। दिन में जंगलों में विश्राम करने वाले ये हाथी रात में खेतों और ग्रामीण इलाकों की ओर निकल आते हैं। एक अन्य दंतैल हाथी भी कुछ दिनों पूर्व अपने समूह से अलग होकर मरवाही क्षेत्र में सात दिनों तक डटा रहा और रात के समय घुसरिया, कुम्हारी एवं चिचगोहना गांवों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाता रहा। शुक्रवार सुबह वह पुनः जैतहरी क्षेत्र के जंगल में पहुंचकर अन्य हाथियों के साथ मिल गया।

खांड़ा गांव निवासी मोहन सिंह उर्फ ललऊ के घर पर हाथी द्वारा एक माह के भीतर सात बार हमला किया गया, जिससे उनका मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं पड़ोसी बोधन सिंह की तीन वर्षीय बछिया को हाथी ने हमला कर मार डाला। हाथियों ने खेतों में बने मचान, झोपड़ियों, कटहल एवं बांस के पेड़ों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। निरीक्षण के दौरान रामलाल रौतेल ने प्रभावित ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे मुख्यमंत्री एवं संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर जल्द ही इस खतरनाक हाथी के रेस्क्यू की कार्रवाई करवाएंगे, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। उन्होंने मौके पर ही वन विभाग के अधिकारियों से हाथियों की गतिविधियों एवं विभागीय कार्रवाई की जानकारी भी ली। इस दौरान वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल, पूर्व जनपद सदस्य रीना रौतेल, पूर्व जनपद सदस्य राजबहोर चंद्रा, ग्राम पंचायत खांड़ा के सचिव गोरेलाल केवट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। हाथियों के आतंक से प्रभावित मोहन सिंह वर्तमान में अपनी वृद्ध मां और तीन बच्चों के साथ गांव में रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हैं, क्योंकि उनके पास रहने के लिए अन्य कोई सुरक्षित मकान या जमीन उपलब्ध नहीं है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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