अनूपपुर: जिले में हाथियों का उपद्रव जारी, घरों में तोड़फोड़ कर फसलों को पहुंचा रहे नुकसान
अनूपपुर, 25 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में विचरण कर रहे पांच हाथी चार अलग-अलग गुट में बंटकर ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेत एवं खलियानों में लगी विभिन्न तरह के फसलों को खाते हुए नुकसान कर रहे हैं। शनिवार की सुबह ये हाथी कुकुरगोंड़ा वन बीट धनगवां के जंगल में डेरा जमाये हुए हैं।
छत्तीसगढ़ की सीमा लांध कर एक- एक की संख्या में पांच हाथियों का दल अनूपपुर जिले के अनूपपुर एवं जैतहरी के ग्रमीण क्षेत्रों में निरंतर विचरण लोगों को फसल और घरों में तोड फोड कर नुकसान कर रहे हैं। जो दिन में जंगल में रात होते ही खाने की तलाश में ग्रामीण अंचलों में पहुंच रहे हैं। एक दांत वाला नर हाथी जिला मुख्यालय अनूपपुर से 7 किलोमीटर दूरी स्थित ग्राम पंचायत खांड़ा के जंगल में निरंतर 16 दिनों से ठडेरा जमाये हुए है, जो शुक्रवार की रात मोहन उर्फ ललऊ सिंह गोंड के कच्चे मकान को निरंतर 6 दिनों तक अचानक पहुंचकर तोड़फोड़ कर पूरे घर को तहस नहस कर दिया है।
पीडित मोहन ने बताया कि घर को बचाने के लिए घर के चारों ओर बैर,बबूल एवं अन्य तरह के कटीले पेड़ों एवं दूसरी तरीके के कटीले पेड़ों की डगालियों को घर के चारों तरफ रखा फिर भी हाथी किनारे कर घर में तोड़फोड़ करता है। पड़ोस में बहोरी सिंह के कच्चे मकान को भी निरंतर तीन बार तोड़ते हुए बांड़ी में लगी कटहल एवं बांस के पेड़ों को तोड़कर देर रात तक खाया। ग्रामीणों द्वारा वन विभाग के गश्ती दल के साथ इस हाथी को इस इलाके से भगाए जाने की कोशिश पर यह हाथी कुछ दूर आगे जाकर अचानक चिघाडते हुए हमला करने की कोशिश की।
एक अकेला दंतैल हाथी जो एक सप्ताह पूर्व छत्तीसगढ़ से जिले जैतहरी वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा,पड़रिया एवं क्योटार के मध्य स्थित जंगल में अपने तीन अन्य हाथी साथियों के साथ था, तीन दिनों तक चारों हाथी जंगल के अंदर ही दिन एवं रात में रहें, शुक्रवार की रात चारों हाथी एक-एक एवं दो की संख्या में अलग-अलग होकर विचरण करते हुए एक हाथी कुकुरगोंड़ा पंचायत के सरईहा टोला में एक घर में तोड़फोड़ की, एक दांत वाला एक हाथी जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत क्योटार के कुसुमहाई गांव से लगे पाड़ाडोंल निवासी देवलाल बैगा के घर को 11 वीं वार तोड़फोड कर कुसुमहाई के पटौरा निवासी सीताराम राठौर के खेत में लगी धान की फसल एवं पटौरा के बगीचाटोला निवासी अंबिका सिंह के खेत में रखें सिंचाई पंप एवं केला के पेड़ों को तोड़कर तहस-नहस कर नुकसान किया। शनिवार की सुबह फिर से कुकुरगोंड़ा पंचायत से लगे जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है। वही दो हाथी रात भर जंगल से बाहर नही निकले जो शनिवार की सुबह कुकुरगोंड़ा,वन बीट धनगवां के जंगल में विश्राम कर रहे हैं।
जिले में हाथियों के निरंतर विचरण एवं रात के समय अचानक जंगल से लगे ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर नुकसान किए जाने से हाथियों से प्रभावित अनेकों ग्रामों के ग्रामीण परेशान एवं भयभीत हैं। गश्ती दल अलग-अलग टीम के माध्यम से हाथियों के विचरण पर निरंतर निगरानी रखते हुए ग्रामीण जनों को सतर्क एवं सचेत रहने की बात कही है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

