महिंद्रा फाइनेंस ऑफिस सागर में युवक ने खुद को लगाई आग, बचाने की कोशिश में ब्रांच मैनेजर भी झुलसा
सागर, 12 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में मकरोनिया थाना क्षेत्र में स्थित महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में शुक्रवार दोपहर एक युवक ने दफ्तर के अंदर ही खुद पर ज्वलनशील पदार्थ (पेट्रोल) डालकर आग लगा ली। देखते ही देखते युवक आग की लपटों से घिर गया। उसे बचाने की कोशिश में कंपनी के ब्रांच मैनेजर भी झुलस गए हैं। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पूरी वारदात का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
परिजन के अनुसार, राहतगढ़ के रहने वाले नीलेश कुमार जैन ने महिंद्रा फाइनेंस कंपनी से एक कार लोन पर ली थी। किन्हीं कारणों से कार की दो किस्तें बकाया थीं। किस्तें न चुकाने के कारण फाइनेंस कंपनी ने कुछ दिनों पहले दमोह से नीलेश की कार को जब्त कर लिया था। नीलेश कुमार जैन के परिजन (साले) नीलेश जैन ने बताया कि कंपनी के लोग घर पहुंच कर पैसा लाए थे। शुक्रवार को नीलेश इसी सिलसिले में अपनी कार वापस लेने और सेटलमेंट की बात करने मकरोनिया स्थित महिंद्रा फाइनेंस के दफ्तर पहुंचे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों और ऑफिस में मौजूद लोगों के मुताबिक, कार्यालय के अंदर नीलेश और फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से और अवसाद में आकर युवक ने अपने पास रखी बोतल से खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया और माचिस जला ली। पलक झपकते ही युवक के पूरे शरीर में आग लग गई, जिससे पूरे ऑफिस में अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया।
जैसे ही युवक आग की लपटों में घिरा, ऑफिस के अन्य कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास किया। इस रेस्क्यू के दौरान कंपनी के ब्रांच मैनेजर भी आग की चपेट में आ गए और झुलस गए। कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और तुरंत गंभीर रूप से झुलसे नीलेश को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर पहुंचाया।
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने युवक की हालत को बेहद नाजुक बताया। नीलेश का शरीर काफी ज्यादा प्रतिशत तक झुलस चुका है, जिसके कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। वहीं, मामूली रूप से झुलसे ब्रांच मैनेजर का इलाज भी जारी है।
घायल युवक के भाई नीरज कुमार जैन ने फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि सिर्फ दो किस्तें बकाया होने पर गाड़ी जब्त की गई थी। इसके बाद कंपनी के लोग नीलेश को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और उनके घर पर भी लोग भेजे जा रहे थे। परिजनों का दावा है कि गुरुवार को ही बकाया राशि बैंक में जमा करा दी गई थी, इसके बावजूद शुक्रवार को दफ्तर बुलाकर नीलेश के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जिससे तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया।
घटना की सूचना मिलते ही मकरोनिया थाना प्रभारी रावेंद्र चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और दफ्तर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज और बयानों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

