मैदानी स्वास्थ्य अमले से नियमित संवाद और प्रोत्साहन से सुधरेगी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

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मैदानी स्वास्थ्य अमले से नियमित संवाद और प्रोत्साहन से सुधरेगी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता: उप मुख्यमंत्री शुक्ल


- उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह एवं निवाड़ी जिले में पदस्थ बॉन्डेड डॉक्टर्स से किया संवाद

भोपाल, 04 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुधवार काे निवास कार्यालय भोपाल से टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह एवं निवाड़ी जिले में पदस्थ बॉन्डेड डॉक्टर्स से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की मैदानी स्थिति एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर (एमएमआर एवं आईएमआर) में कमी लाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसके लिए गर्भवती महिलाओं की नियमित एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की शत-प्रतिशत पहचान तथा जोखिम के अनुरूप उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थान में समय रहते भर्ती एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को प्रसव की संभावित तिथि से लगभग एक सप्ताह पूर्व उपयुक्त संस्थान में भर्ती कराने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें।

मैदानी अमले से संवाद और संवेदनशील व्यवहार जरूरी

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की सफलता में मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका है। आशा, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से नियमित संवाद करें। उनके अनुभवों और समस्याओं को समझें तथा अच्छे कार्यों के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि प्रोत्साहन के साथ-साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार भी अत्यंत आवश्यक है। मैदानी अमले को सक्रिय कर सूक्ष्म स्तर पर कार्य करने से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ेगी।

समय प्रबंधन से बढ़ेगी कार्यक्षमता

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि समय का उचित प्रबंधन कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखता है। इससे कार्यों की गुणवत्ता और परिणाम दोनों में सुधार होता है। उन्होंने चिकित्सकों को अपने दायित्वों का बेहतर नियोजन करने तथा सेवा के प्रति समर्पण और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

रोकथाम और समय रहते पहचान पर विशेष जोर

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि ‘प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर’ की अवधारणा के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन किया जाए। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के माध्यम से एनसीडी सहित विभिन्न बीमारियों की समय रहते पहचान कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित करें। आमजन को स्वस्थ जीवनशैली, नियमित जांच, संतुलित खानपान एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने टेलीमेडिसिन सेवाओं का आवश्यकता के अनुसार प्रभावी उपयोग करने तथा मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर नहीं करने की बात कही। अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही उचित स्वास्थ्य संस्थान में रेफरल सुनिश्चित करें। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों में निर्धारित प्रोटोकॉल का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।

बीएमओ एवं सीएमएचओ नियमित मॉनिटरिंग करें

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बीएमओ एवं सीएमएचओ को स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थानों में स्वच्छता, आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता तथा मरीजों को समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

डॉक्टर्स से जाना मैदानी अनुभव

संवाद के दौरान टीकमगढ़ जिले के पीएचसी बराना की डॉ. भूमि सक्सेना ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ का अच्छा सहयोग मिलता है तथा ग्रामीणजन स्वास्थ्य सेवाओं से संतुष्ट हैं और नियमित रूप से स्वास्थ्य केंद्र आते हैं। पीएचसी के डॉ. गगन सिंह ने भी अपने कार्यक्षेत्र में मिल रहे जनसहयोग एवं स्वास्थ्य सेवाओं के अनुभव साझा किए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समाज के प्रति चिकित्सकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए सुमन पंचायत के निर्माण के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। निवाड़ी जिले के पीएचसी ओरछा के डॉ. दिव्यांशु ककरे तथा दमोह जिले के पीएचसी तारादेही के डॉ. धर्मेंद्र यादव ने अपने कार्यक्षेत्र की जानकारी दी। डॉ. धर्मेंद्र यादव ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन लगभग 25 से 30 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए आते हैं। छतरपुर जिले के पीएचसी गढ़ी मलहरा के डॉ. तनिष्क बिछारिया ने स्वास्थ्य केंद्र में समयबद्ध चिकित्सकीय उपलब्धता एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी दी।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी चिकित्सकों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा का यह अनुभव एक अच्छा और संवेदनशील डॉक्टर बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। चिकित्सक अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और सेवाभाव से करें। वीसी से संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, बीएमओ सहित नवपदस्थ बांड डॉक्टर्स जुड़े।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

Livevns.news Desk
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