अनूपपुर: मानसून की देरी से किसान परेशान, दोपहर हुई बारिश ने भिगाेया जिले को

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अनूपपुर: मानसून की देरी से किसान परेशान, दोपहर हुई बारिश ने भिगाेया जिले को


अनूपपुर: मानसून की देरी से किसान परेशान, दोपहर हुई बारिश ने भिगाेया जिले को


अनूपपुर: मानसून की देरी से किसान परेशान, दोपहर हुई बारिश ने भिगाेया जिले को


अनूपपुर, 19 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मानसून की देरी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस साल जिले में लगभग 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है। वहीं शुक्रवार की दोपहर प्री मानसून की बारिश होने के साथ ही किसानों के चेहरे भी खिल उठे है। हालांकि इस बारिश में बुआई तो नहीं हो सकती, लेकिन किसान बुआई से पूर्व की तैयारी में जुट गए है। मानसून की अच्छी बारिश होने के साथ ही बुआई का काम भी परवान चढ़ने लगेगा।

मानसून अपने निर्धारित समय से लगभग 15 दिन पीछे चल रहा है, जिसके कारण किसानों के खेत अभी तक पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाए हैं। खेतों में नमी की कमी के चलते किसानों ने पहले की गई जुताई के बाद दोबारा जुताई नहीं की है। कुछ बड़े किसानों ने सिंचाई संसाधनों का उपयोग कर नर्सरी तैयार कर ली है, लेकिन उन्हें खेतों में अधिक पानी की आवश्यकता को लेकर चिंता है। पिपरिया गांव के किसानों ने बताया कि आसमान में काले बादल छाए होने के बावजूद खेतों में नमी की कमी के कारण धूल उड़ रही है। धान की खेती के लिए अधिक पानी की जरूरत होती है, लेकिन वर्तमान में बिजली कंपनी की ओर से केवल 8-10 घंटे की आपूर्ति किसानों के लिए समस्या बनी हुई है। किसान अच्छी मानसूनी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

खरीफ की फसल में पिछड़ जाएंगे किसान

किसान गुलाब पटेल के अनुसार, जून महीने में अब तक दो बार बारिश हुई है, लेकिन यह खेतों की नमी की कमी को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं है। खरीफ की फसल पूरी तरह से मानसून के पानी पर निर्भर करती है।

किसान सत्य भुवन पटेल ने कहा कि यदि मानसून में और देरी होती है, तो छोटे और बड़े दोनों किसानों की खरीफ की फसल पिछड़ जाएगी। समय पर बारिश न होने से बुआई और रोपाई में देरी होगी, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।

मानसून का इतंजार कर रहे लोगों को जिले के कई क्षेत्रों में हुई प्री मानसून की बारिश ने राहत दी। करीब 30 मिनट तक तेज बारिश ने पूरे जिले को भिगो दिया हैं। जिले में दिनों लगातार बादलों की आवाजाही तो हो रही थी, लेकिन कभी बादल बूंदाबांदी करके, तो कभी बिन बरसे ही निकल रहे थे। जिला मुख्यालय शुक्रवार की दोपहर 30 मिनट तक तेज बौछारे गिरी, बाद में बारिश का दौर शुरू हुआ, जो मध्यम गति के साथ चल रहा।

पानी के अभाव में बुआई की गति धीमी

कृषि उपसंचालक वर्षा त्रिपाठी ने बताया कि किसान बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पानी के अभाव में बुआई की गति धीमी बनी हुई है। जिले में 1.85 लाख हेक्टेयर खरीफ की फसल में धान की 98 हजार हेक्टेयर रकबे पर किया जाना है। जून के अंतिम सप्ताह तक अच्छी बारिश होना जरूरी है। यदि मानसून और देर से सक्रिय हुआ तो रोपाई का समय प्रभावित हो सकता है।

जिले में 99.3 मिली बारिश

अधीक्षक भू अभिलेख कार्यालय अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि जिले में 1 से 16 जून तक औसत मात्र 21 मिली बारिश दर्ज की गई है, जबकि आज तक मानक औसत वर्षा 99.3 मिली. हो जाना चाहिए था। अनूपपुर जिले में गेहूं और धान की ही मुख्य फसल उपजाई जाती है, लेकिन मानसून की विलंबता और मौसम विभाग के पूर्वानुमान में कम बर्षा की बात ने किसानों को सकते में डाल दिया है। फिलहाल किसान आसमान की ओर आस लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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