कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन पर खाद्य मंत्री का तीखा पलटवार, बोले- “सड़क पर प्रदर्शन नहीं, किसानों की सेवा करे कांग्रेस”
भोपाल, 07 मई (हि.स.)। किसानों की समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन पर प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद करे और भ्रम फैलाने की राजनीति छोड़कर किसानों की वास्तविक सेवा करे।
मंत्री राजपूत ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस केवल किसानों को गुमराह कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, जबकि भाजपा सरकार लगातार ऐतिहासिक फैसले लेकर किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को धरना-प्रदर्शन करने के बजाय खरीदी केंद्रों पर पहुंचकर किसानों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कम से कम किसानों को एक गिलास ठंडा पानी ही पिला दें, इससे उन्हें राहत मिलेगी। सड़क पर प्रदर्शन कर आम जनता को परेशान करना किसी समस्या का समाधान नहीं है।”
“भाजपा सरकार पर किसानों को पूरा भरोसा”
मंत्री राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में खेती को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में लगातार काम हुआ है। भाजपा सरकार ने किसानों को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को किसानों के मुद्दे पर आंदोलन करने के बजाय अपने पुराने छल, झूठ और वादाखिलाफी के लिए किसानों से माफी मांगनी चाहिए।
“भाजपा ने बढ़ाया समर्थन मूल्य, कांग्रेस ने रोकी स्वामीनाथन रिपोर्ट”
खाद्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में किसानों को उनकी उपज का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिलता था, जबकि भाजपा सरकार ने लगातार एमएसपी बढ़ाकर किसानों को लाभ पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं किया, लेकिन वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद किसानों को लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए। मंत्री राजपूत ने कहा कि कांग्रेस के 55 वर्षों के शासनकाल में गेहूं के समर्थन मूल्य में केवल लगभग 500 रुपये की वृद्धि हुई, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में करीब 1300 रुपये की बढ़ोतरी की गई।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां किसानों को गेहूं के समर्थन मूल्य पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। अन्य राज्यों में जहां 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी हो रही है, वहीं मध्यप्रदेश में किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है।
“भाजपा सरकार ने किसानों को सम्मान, सहायता और सुरक्षा दी”
मंत्री राजपूत ने कहा कि कांग्रेस ने किसानों को केवल कर्ज और भ्रम दिया, जबकि भाजपा सरकार ने किसानों को सम्मान, सहायता और सुरक्षा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, सिंचाई विस्तार और बोनस जैसी योजनाएं भाजपा सरकार की किसान हितैषी सोच का प्रमाण हैं। मध्यप्रदेश देश का ऐसा राज्य है, जहां केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि के साथ-साथ राज्य सरकार भी अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों की भूमि के भू-अर्जन पर चार गुना मुआवजा देने का भी निर्णय लिया है।
समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड गेहूं उपार्जन
खाद्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार पारदर्शी तरीके से किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी कर रही है। वर्ष 2026 में गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जबकि राज्य सरकार 40 रुपये बोनस जोड़कर 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 19.04 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है और किसानों की सुविधा के लिए 3623 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। अब तक 8.42 लाख किसानों से 47 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है।
मंत्री राजपूत ने कहा कि किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस के रूप में हजारों करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। भंडारण क्षमता को 100 प्रतिशत से बढ़ाकर 120 प्रतिशत तक किया गया है तथा किसानों की सुविधा को देखते हुए गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 85 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन के लिए पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है और शेष बारदाना ट्रांजिट में है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर खरीदे गए गेहूं के शीघ्र परिवहन की भी व्यवस्था की जा रही है।
कृषि उत्पादन में अग्रणी बना मध्य प्रदेश
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश दलहन और सोयाबीन उत्पादन में देश में प्रथम, गेहूं उत्पादन में द्वितीय तथा खाद्यान्न और तिलहन उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है। जो मध्य प्रदेश कभी गेहूं आयात करने वाला राज्य माना जाता था, वही आज 47 से अधिक देशों को गेहूं निर्यात कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का बासमती चावल खाड़ी देशों, यूरोप, अमेरिका और अफ्रीकी देशों तक निर्यात किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

