किसानों को 10 घंटे बिजली देने के वादे पर जीतू पटवारी ने उठाए सवाल, अघोषित कटौती पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग

WhatsApp Channel Join Now
किसानों को 10 घंटे बिजली देने के वादे पर जीतू पटवारी ने उठाए सवाल, अघोषित कटौती पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग


भोपाल, 16 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में बिजली आपूर्ति को लेकर भाजपा सरकार से सवाल किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को खेती और सिंचाई के लिए प्रतिदिन 10 घंटे बिजली देने का वादा किया गया था, लेकिन प्रदेश के कई क्षेत्रों में किसानों को मुश्किल से दो घंटे ही बिजली मिल पा रही है। पटवारी ने कहा कि अनियमित बिजली आपूर्ति और अघोषित कटौती से किसानों के साथ घरेलू उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जीतू पटवारी ने शुक्रवार काे मीडिया काे बयान जारी कर कहा कि बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से किसानों को फसलों की सिंचाई में दिक्कत आ सकती है। खेती की बढ़ती लागत के बीच समय पर बिजली नहीं मिलना किसानों के लिए अतिरिक्त चुनौती है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों को निर्धारित समय के अनुसार बिजली मिले, ताकि सिंचाई का काम प्रभावित न हो।

घरेलू उपभोक्ताओं की परेशानी का भी उठाया मुद्दा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रहने की शिकायतें मिल रही हैं। उनके मुताबिक, कुछ स्थानों पर 10 घंटे तक बिजली कटौती की स्थिति सामने आ रही है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को भी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि अनियमित आपूर्ति का असर दैनिक कामकाज के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था जैसी जरूरी सेवाओं पर भी पड़ सकता है।

पटवारी ने कहा कि बिजली आपूर्ति की स्थिति और उपभोक्ताओं की शिकायतों को देखते हुए सरकार को संबंधित क्षेत्रों की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि किसानों को 10 घंटे बिजली देने के वादे के अनुरूप आपूर्ति क्यों नहीं हो पा रही है और अघोषित कटौती से राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य सरकार से बिजली संकट के कारणों की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ मौजूदा संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जाए। किसानों को सिंचाई के लिए निर्धारित अवधि में बिजली मिले और घरेलू उपभोक्ताओं को भी नियमित आपूर्ति उपलब्ध होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि अपरिहार्य परिस्थितियों में बिजली कटौती की स्थिति में उपभोक्ताओं को पहले से सूचना दी जाए और कटौती के कारणों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। बिजली संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की जरूरत भी उन्होंने बताई।

पटवारी ने कहा कि सरकार को बिजली आपूर्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करते हुए किसानों को 10 घंटे बिजली देने के वादे को पूरा करने के लिए ठोस कार्ययोजना सामने रखनी चाहिए। साथ ही, बिजली कटौती से प्रभावित क्षेत्रों में समस्याओं की समीक्षा कर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

762182 Articles

Share this story