मप्रः जीतू पटवारी ने लगाया किसानों की अनदेखी का आरोप, सरकार पर किया तीखा हमला

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मप्रः जीतू पटवारी ने लगाया किसानों की अनदेखी का आरोप, सरकार पर किया तीखा हमला


भोपाल/सागर, 09 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में घोषित “किसान कल्याण वर्ष” वास्तव में “किसान शोषण वर्ष” में बदल चुका है।

जीतू पटवारी गुरुवार काे सागर जिले की कृषि मंडी पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा करते हुए उन्होंने अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई और तत्काल समाधान की मांग की। वे बड़ामलहरा के अबारधाम में आयोजित संत संत रविदास जी महाराज एवं गंगा मैया की मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, इसी दौरान उन्होंने सागर मंडी का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने संत रविदास के समता और मानवता के संदेश को याद करते हुए प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

मंडी में किसानों ने गेहूं खरीदी में देरी, बारदान (बोरी) की कमी और अव्यवस्थित व्यवस्थाओं को लेकर अपनी समस्याएं रखीं। इस पर पटवारी ने कहा कि प्रदेश में बारदान की कमी नहीं, बल्कि सरकार की नीयत की कमी साफ नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक गेहूं खरीदी शुरू नहीं होने से किसान धूप में मंडियों के बाहर इंतजार करने को मजबूर हैं। “चार दिनों से मंडी बंद है और सरकार जश्न में व्यस्त है, जबकि अधिकारी एसी कमरों में बैठकर किसानों की पीड़ा से बेखबर हैं,” उन्होंने कहा।

पीसीसी चीफ पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें किसानों की आय आठ गुना बढ़ने का दावा किया गया था। उन्होंने किसानों से सीधा सवाल किया, “क्या आपकी आय वास्तव में बढ़ी है?” उन्होंने चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों से गेहूं 2700 रूपये, धान 3100 रूपये और सोयाबीन 6000 रूपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया गया था, लेकिन आज उन्हें अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा घोषित “किसान कल्याण वर्ष” पर निशाना साधते हुए पटवारी ने कहा कि प्रदेश का किसान आज भी कर्ज में डूबा हुआ है और लगातार संकट झेल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को हफ्तों तक लाइनों में खड़ा रखा गया, उनके साथ सख्ती की गई और कई मामलों में वे आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हुए। “अब यही किसान और उनके बेटे इस अन्याय का जवाब देंगे,” उन्होंने चेतावनी दी।

अंत में पटवारी ने सागर कलेक्टर से फोन पर बात कर मंडी की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार, गेहूं खरीदी शीघ्र शुरू कराने और किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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